{"_id":"5955ef784f1c1b3e368b499d","slug":"effect-of-gst-on-middle-class-families","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मिडिल क्लास परिवारों की जेब पर क्या असर डालेगा GST, विशेषज्ञों की राय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिडिल क्लास परिवारों की जेब पर क्या असर डालेगा GST, विशेषज्ञों की राय
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Fri, 30 Jun 2017 11:58 AM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के आने से पहले इसे लेकर काफी भ्रांतियां बनीं। लोगों को आशंका रही कि जीएसटी आने के बाद उनका खर्च काफी बढ़ जाएगा। हालांकि, विशेषज्ञ इसे केवल नया कानून लागू होने जैसा डर मान रहे हैं।
विज्ञापन
उनका कहना है कि कुछ मामूली खर्च जेब पर मध्यम वर्ग के बढ़ेगा लेकिन यह 1000 रुपये से लेकर 2000 रु पये तक है। ऐसे में 36,000 रुपये से लेकर 77,000 रुपये खर्च करने वाले परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी बहुत अधिक नहीं है।
विज्ञापन
परिवारों को अगर चिंता है तो वह यह है कि उनके बच्चों की उच्च शिक्षा महंगी हो जाने वाली है। वहीं होम लोन पर आने वाले नए टैक्स से राहत कम होगी। अभी तक होम लोन की दरें कम होने से ईएमआई कम हुई थी।
विज्ञापन
लेकिन, जीएसटी के पूर्व टैक्सों की तुलना में तीन प्रतिशत तक अधिक होने से होम लोन की ईएमआई अब बढ़ जाएगी। इससे मासिक किस्त भी बढ़ जाएगी। हालांकि, घरेलू वाहन पर आने वाली ईएमआई व खर्च पहले की तुलना में घट रहा है।
इन लोगों के लिए जीएसटी फायदे का सौदा
डेमो पिक
बच्चों को घुमाने-फिराने और मनोरंजन पर भी खर्च जीएसटी के आने के बाद कम होगा। घर और किचन के खर्च में भी जीएसटी कटौती कर देगा। यानी, जिन घरों में अभी उच्च शिक्षा नहीं ली जा रही है। वहीं होमलोन की ईएमआई नहीं जाती, उनके लिए जीएसटी फायदे का सौदा ही है।
जीएसटी को अगर आम आदमी और उसके परिवार के परिपेक्ष में देखें तो यह फायदेमंद ही है। सरकार ने ऐसी किसी चीज पर टैक्स नहीं बढ़ाया है जो कि आम आदमी की जरूरत वाली है।
अब यह फायदा आम आदमी तक पहुंचे। सरकार इसको लेकर भी चिंतित है। यही वजह है कि मैन्युफैक्चरर्स पर दबाव बनाने के लिए एंटी प्रोफीटियरिंग रूल्स बनाए गए हैं। इससे काफी हद तक नियंत्रण कीमतों पर कराने में मदद मिलेगी।
- संदीप भटनागर, पूर्व चेयरमैन, आईसीएआई
जीएसटी को अगर आम आदमी और उसके परिवार के परिपेक्ष में देखें तो यह फायदेमंद ही है। सरकार ने ऐसी किसी चीज पर टैक्स नहीं बढ़ाया है जो कि आम आदमी की जरूरत वाली है।
अब यह फायदा आम आदमी तक पहुंचे। सरकार इसको लेकर भी चिंतित है। यही वजह है कि मैन्युफैक्चरर्स पर दबाव बनाने के लिए एंटी प्रोफीटियरिंग रूल्स बनाए गए हैं। इससे काफी हद तक नियंत्रण कीमतों पर कराने में मदद मिलेगी।
- संदीप भटनागर, पूर्व चेयरमैन, आईसीएआई