फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Effect of Bihar election on Uttar Pradesh.

जानें, बिहार का चुनाव परिणाम यूपी पर डालेगा कितना असर

Sat, 07 Nov 2015 11:14 PM IST
कुमार भवेश चंद्र/अमर उजाला, लखनऊ
कुमार भवेश चंद्र/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 07 Nov 2015 11:14 PM IST
विज्ञापन
Effect of Bihar election on Uttar Pradesh.

इन पक्तियों को जब आप पढ़ रहे होंगे तो मुमकिन है बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने में कुछ ही घंटे रह गए हों। बिहार चुनाव के नतीजे आने के साथ ही यूपी में अगले विधानसभा के सियासी समीकरणों को लेकर नए सिरे से बहस तेज होगी।

विज्ञापन


वैसे नतीजे आने से पहले यह तो साफ हो ही गया है कि वहां दो ध्रुवीय चुनाव में कांटे की टक्कर है। बिहार चुनाव के शुरुआत में भाजपा ने नरेंद्र मोदी को लेकर 2014 जैसी लहर के दावे किए थे, लेकिन जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ा, यह साफ होता चला गया कि लालू-नीतीश की जोड़ी के महागठबंधन के सामने उसकी लड़ाई इतनी भी आसान नहीं।
विज्ञापन


अब जबकि हम नतीजे के बेहद करीब हैं, भाजपा के बड़े नेता भी दम साधे रविवार का ही इंतजार कर रहे हैं। बिहार के वोटरों ने यह लगभग साफ कर दिया है कि 2014 के महानायक नरेंद्र मोदी के लिए आगे की राह चुनौती भरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्टी को कड़े मुकाबले में अच्छे नतीजे मिल भी जाएं तो भी मोदी का करिश्माई चेहरा अब बीते दिनों की ही बात होगी। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी भाजपा के लिए यही स्थिति 2017 के यूपी के  चुनावी समर की सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने खड़ी होगी। अब न तो नरेंद्र मोदी अजेय चेहरा हैं, न ही उनकी पार्टी का वो करिश्मा बरकरार है।

भाजपा को हो रहा है दोहरा नुकसान

Effect of Bihar election on Uttar Pradesh.

मतलब साफ है कि दिल्ली की हार और बिहार के संघर्ष में थके उसके  चेहरे को यूपी के चुनाव से पहले फेशियल की जरूरत होगी। बिहार में नीतीश कुमार के मुकाबले प्रधानमंत्री के चेहरे को आगे कर चुनाव लड़ने वाली भाजपा को दोहरा नुकसान होता दिख रहा है।

मोदी का चेहरा और नाम के इस्तेमाल के बाद भी एक-एक सीट के लिए भाजपा को कड़ी परीक्षा से होकर गुजरना पड़ा। यों भी यूपी चुनाव की कड़ी परीक्षा से पहले अगले ही साल भाजपा को दक्षिण के दो राज्यों तमिलनाडु और केरल में नई चुनौतियों का सामना करना है।

इतना ही नहीं, वामपंथियों की जमीन पर हुंकार भर रहीं ममता के तृणमूल से भी उसे दो-दो हाथ करना होगा तो पूर्वोत्तर का प्रदेश असम भी मोदी और भाजपा का इम्तिहान लेने को तैयार है।

इन राज्यों में विधानसभा के चुनाव भाजपा को अपनी ताकत को फिर से साबित करने का बेहतर अवसर तो देंगे, पर यह काम इतना आसान नहीं। इनमें से किसी भी प्रदेश में भाजपा के लिए कोई बड़ी उम्मीद नहीं दिखती। हां, असम उसके लिए उर्वर जमीन साबित हो सकता है, पर कड़ा इम्तिहान तो वहां भी है।

इन सारी परिस्थितियों से लड़ते हुए भाजपा को यूपी में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी और नई रणनीतिक तैयारियों के साथ मुकाबले के लिए तैयार हो रही मायावती की बहुजन समाज पार्टी से लड़ना होगा।

मायावती ने भी दे दिए संकेत

Effect of Bihar election on Uttar Pradesh.

प्रधानमंत्री का गृह प्रदेश और भाजपा सांसदों की भारी-भरकम संख्या के बावजूद यह लड़ाई कई स्तरों पर आसान नहीं रहने वाली है। केंद्र सरकार के अच्छे काम जहां भाजपा की ताकत होंगे, वहीं सरकार की कमियां और नाकामियां विरोधियों का हथियार होंगी। प्रदेश में सत्तारूढ़ सपा के सामने भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति रहने वाली है।

पांच साल के दौरान अखिलेश सरकार के काम जनता की कसौटी पर होंगे, वहीं बसपा के लिए दोनों ही दलों पर समान रूप से हमलावर होने का सुनहरा मौका होगा। इस बार सत्ता में आने पर स्मारकों और पार्कों के निर्माण से तौबा कर मायावती ने वैसे भी अपनी नई रणनीति के संकेत दे दिए हैं।

सरकार बनने की स्थिति में भ्रष्टाचारियों और माफिया पर कड़े प्रहार का उनका वादा बसपा के अपने वोट बैंक के बाहर के मतदाताओं को आकर्षित कर सकता है। सपा के शासनकाल के दौरान असंतुष्ट मुस्लिमों का ध्रुवीकरण भी बसपा के लिए नई ताकत का सबब बन सकता है। इस तरह यूपी के  त्रिकोणीय संघर्ष में भाजपा को अपने लिए राह बनानी है।

यह देखना दिलचस्प होगा कि इस राह के निर्माण में मोदी स्थानीय नेताओं की मदद लेते हैं या उनके खास सिपहसालार ही प्रमुख भूमिका में होंगे।

दिल्ली और बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर अलग-अलग रुख अपनाने वाली भाजपा यूपी में कौन- सा फॉर्मूला अपनाती है, इस पर तो सभी की नजरें हैं ही। नजर इस बात पर भी होगी कि अगर वह मुख्यमंत्री के दावेदार का एलान करती है तो वह मूल रूप से यूपी का निवासी होगा या कोई और?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed