{"_id":"6daaf7347b298aabef0fc09ea64dd1f0","slug":"ed-will-siese-some-more-properties-og-ex-minister","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुशवाहा को राहत नहीं, सम्पत्ति होगी सीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुशवाहा को राहत नहीं, सम्पत्ति होगी सीज
विष्णु मोहन/ अमर उजाला,लखनऊ
Updated Sat, 03 May 2014 02:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनआरएचएम घोटाले के मुख्य आरोपियों की आय से अधिक संपत्ति की जांच कर रही
विज्ञापन
ईडी पूर्व मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा से जुड़ी कुछ और संपत्तियों को सीज करने
की तैयारी कर रही है।
यह संपत्तियां कानपुर और बांदा में हैं। इनके बारे में ईडी साक्ष्य हासिल करने की कोशिश कर रही है।
ईडी ने पहले भी इस मामले में पूर्व मंत्री कुशवाहा, पूर्व एमएलए आरपी जायसवाल व अन्य की कई करोड़ रुपये की संपत्ति सीज की है।
ईडी ने इन सभी संपत्तियों की सीज करने के साथ ही वहां नोटिस चस्पा कर दिए थे।
इसके बाद ईडी ने इस सारी कार्रवाई की औपचारिक रिपोर्ट केंद्रीय न्याय निर्णयन प्राधिकरण को रिपोर्ट दे दी थी।
यह रिपोर्ट मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा, उनकी पत्नी शिवकन्या कुशवाहा, रिश्तेदार गया प्रसाद व पूर्व एमएलए आरपी जायसवाल के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट के साथ भेजी गई।
ईडी के सूत्रों का कहना है कि इस बीच इन आरोपियों के खिलाफ जारी पड़ताल में कई और संपत्तियों के बारे में जानकारी सामने आई है।
इनमें से कुछ संपत्ति पूर्व मंत्री से जुड़ी बताई जा रही है जो बांदा व कानपुर में है। कानपुर में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी दो बड़ी कंपनियों में पूर्व मंत्री की काली कमाई के निवेश के साक्ष्य सामने आ रहे हैं।
इस आधार पर ईडी अब इन दोनों कंपनियों की संपत्तियों के दस्तावेज खंगाल कर यह देख रही है कि किसमें पूर्व मंत्री की रकम का निवेश किया गया है। जिस संपत्ति में ऐसे निवेश की पुष्टि होगी, उसे सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ऐसे ही बांदा में कृषि योग्य कई एकड़ भूमि के पूर्व मंत्री की ऊपरी कमाई से खरीदे जाने की सूचना सामने आई है। ईडी इसकी भी पड़ताल कर रही है।
यह संपत्तियां कानपुर और बांदा में हैं। इनके बारे में ईडी साक्ष्य हासिल करने की कोशिश कर रही है।
ईडी ने पहले भी इस मामले में पूर्व मंत्री कुशवाहा, पूर्व एमएलए आरपी जायसवाल व अन्य की कई करोड़ रुपये की संपत्ति सीज की है।
ईडी ने इन सभी संपत्तियों की सीज करने के साथ ही वहां नोटिस चस्पा कर दिए थे।
इसके बाद ईडी ने इस सारी कार्रवाई की औपचारिक रिपोर्ट केंद्रीय न्याय निर्णयन प्राधिकरण को रिपोर्ट दे दी थी।
यह रिपोर्ट मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा, उनकी पत्नी शिवकन्या कुशवाहा, रिश्तेदार गया प्रसाद व पूर्व एमएलए आरपी जायसवाल के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट के साथ भेजी गई।
ईडी के सूत्रों का कहना है कि इस बीच इन आरोपियों के खिलाफ जारी पड़ताल में कई और संपत्तियों के बारे में जानकारी सामने आई है।
इनमें से कुछ संपत्ति पूर्व मंत्री से जुड़ी बताई जा रही है जो बांदा व कानपुर में है। कानपुर में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी दो बड़ी कंपनियों में पूर्व मंत्री की काली कमाई के निवेश के साक्ष्य सामने आ रहे हैं।
विज्ञापन
इस आधार पर ईडी अब इन दोनों कंपनियों की संपत्तियों के दस्तावेज खंगाल कर यह देख रही है कि किसमें पूर्व मंत्री की रकम का निवेश किया गया है। जिस संपत्ति में ऐसे निवेश की पुष्टि होगी, उसे सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ऐसे ही बांदा में कृषि योग्य कई एकड़ भूमि के पूर्व मंत्री की ऊपरी कमाई से खरीदे जाने की सूचना सामने आई है। ईडी इसकी भी पड़ताल कर रही है।