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UP: ईडी ने विदेश मंत्रालय से पूछा, कब निरस्त हुआ इकबाल का पासपोर्ट, खनन माफिया के प्रत्यर्पण की कवायद शुरू
Mon, 17 Jun 2024 11:01 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 17 Jun 2024 11:01 AM IST
सार
खनन माफिया मोहम्मद इकबाल कई बार समन के बाद भी ईडी के सामने पेश नहीं हुआ। अब उसके प्रत्यर्पण की कवायद शुरू कर दी गई है।
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- फोटो : ANI
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विस्तार
सहारनपुर की ग्लोकल यूनिवर्सिटी को जब्त करने के बाद अब ईडी ने खनन माफिया मोहम्मद इकबाल का दुबई से प्रत्यर्पण कराने की कवायद शुरू कर दी है। राजधानी स्थित ईडी के जोनल मुख्यालय की ओर से विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर मोहम्मद इकबाल के पासपोर्ट के निरस्त होने, विदेश यात्राओं आदि की जानकारी मांगी गयी है। सूत्रों की मानें तो विदेश मंत्रालय से इकबाल के पासपोर्ट की जानकारी मिलने के बाद उसके प्रत्यर्पण की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
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दरअसल, ईडी ने मोहम्मद इकबाल उर्फ हाजी इकबाल उर्फ बाला को कई बार नोटिस देकर तलब किया, लेकिन वह दुबई फरार होने की वजह से पेश नहीं हुआ। इस बीच अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान उसने खुद के बीमार होने की वजह से दुबई में इलाज कराने के लिए आने का दावा किया। साथ ही, ईडी के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना बयान दर्ज कराने की पेशकश की थी। ईडी ने अपने नोटिसों की लगातार अवलेहना होने पर दो दिन पहले इकबाल की ग्लोकल यूनिवर्सिटी को जब्त कर लिया था। अब ईडी के अधिकारी उसके दुबई में इलाज के बारे में भी जानकारी जुटा रहे हैं।
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जौहर यूनिवर्सिटी से उपकरण लेने की भी जांच
वहीं दूसरी ओर ईडी के अधिकारी पूर्व मंत्री आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी द्वारा ग्लोकल यूनिवर्सिटी को दान के रूप में दिए गये 7.42 करोड़ रुपये के उपकरण के मामले की जांच भी कर रहा है। दरअसल, आजम खान और उनके परिजनों द्वारा संचालित जौहर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग के छापों में ग्लोकल यूनिवर्सिटी को उपकरण देने के सुबूत मिले थे। अधिकारियों को मानना है कि यह उपकरण दान के रूप में देना दर्शाया गया, जबकि इनकी कीमत जौहर ट्रस्ट को दी गयी थी। इस रकम को जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में खर्च करने की आशंका जताई जा रही है।
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