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Lucknow News: निवेशकों व बैंक की रकम हड़पने वाले तुलसियानी बिल्डर की ईडी जांच शुरू
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लखनऊ। पंजाब नेशनल बैंक के कर्ज की रकम और फ्लैट देने के नाम पर तमाम निवेशकों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले राजधानी के तुलसियानी बिल्डर के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ईडी ने कंपनी के निदेशकों, प्रमोटर्स और गारंटर्स को नोटिस देकर तलब किया है।
ईडी ने तुलसियानी बिल्डर के खिलाफ यह कार्रवाई पुलिस में पीएनबी और तमाम निवेशकों द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर की है। ईडी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तुलसियानी बिल्डर ने कूटरचित दस्तावेज जमाकर पीएनबी से 4.63 करोड़ रुपये कर्ज लिया था। जब बैंक ने कर्ज वसूली के लिए पत्राचार किया तो बिल्डर ने कोई जवाब नहीं दिया। तत्पश्चात बैंक मैनेजर की शिकायत पर तुलसियानी ग्रुप के निदेशक महेश तुलसियानी, अनिल कुमार तुलसियानी और पूर्व निदेशकों पर हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। वहीं, निवेशकों के करोड़ों रुपये हड़पने के आरोप में लखनऊ पुलिस ने अजय तुलसियानी और अनिल कुमार तुलसियानी को गिरफ्तार किया था। ईडी की प्रारंभिक पड़ताल में निवेशकों और बैंक की 30 करोड़ से अधिक रकम हड़पने की पुष्टि हो चुकी है।
दरअसल तुलसियानी बिल्डर लुभावनी स्कीम के जरिए लोगों को फ्लैट देने का वादा कर रकम जमा करा रहा था, जबकि उसके पास फ्लैट तो दूर की बात जमीन तक नहीं थी। कंपनी के निदेशक राजधानी में अंसल की सुशांत गोल्फ सिटी में फ्लैट बनाने का झांसा देकर रकम जमा कराते थे। फ्लैट नहीं मिलने पर बीते पांच वर्षों के दौरान दर्जनों निवेशकों ने तुलसियानी बिल्डर के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए हैं। बाद में बिल्डर ने सुशांत गोल्फ सिटी में फ्लैट बनवाए मगर निवेशकों को कब्जा देने में टालमटोल करता रहा। रेरा में इसकी शिकायत होने पर तीन फ्लैट जब्त किए गए थे।
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ईडी ने तुलसियानी बिल्डर के खिलाफ यह कार्रवाई पुलिस में पीएनबी और तमाम निवेशकों द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर की है। ईडी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तुलसियानी बिल्डर ने कूटरचित दस्तावेज जमाकर पीएनबी से 4.63 करोड़ रुपये कर्ज लिया था। जब बैंक ने कर्ज वसूली के लिए पत्राचार किया तो बिल्डर ने कोई जवाब नहीं दिया। तत्पश्चात बैंक मैनेजर की शिकायत पर तुलसियानी ग्रुप के निदेशक महेश तुलसियानी, अनिल कुमार तुलसियानी और पूर्व निदेशकों पर हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। वहीं, निवेशकों के करोड़ों रुपये हड़पने के आरोप में लखनऊ पुलिस ने अजय तुलसियानी और अनिल कुमार तुलसियानी को गिरफ्तार किया था। ईडी की प्रारंभिक पड़ताल में निवेशकों और बैंक की 30 करोड़ से अधिक रकम हड़पने की पुष्टि हो चुकी है।
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दरअसल तुलसियानी बिल्डर लुभावनी स्कीम के जरिए लोगों को फ्लैट देने का वादा कर रकम जमा करा रहा था, जबकि उसके पास फ्लैट तो दूर की बात जमीन तक नहीं थी। कंपनी के निदेशक राजधानी में अंसल की सुशांत गोल्फ सिटी में फ्लैट बनाने का झांसा देकर रकम जमा कराते थे। फ्लैट नहीं मिलने पर बीते पांच वर्षों के दौरान दर्जनों निवेशकों ने तुलसियानी बिल्डर के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए हैं। बाद में बिल्डर ने सुशांत गोल्फ सिटी में फ्लैट बनवाए मगर निवेशकों को कब्जा देने में टालमटोल करता रहा। रेरा में इसकी शिकायत होने पर तीन फ्लैट जब्त किए गए थे।
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