अवैध खनन मामला: आईएएस बी. चंद्रकला सहित 11 के खिलाफ ईडी ने दर्ज किया केस
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हमीरपुर में 2012 से 2016 के बीच हुए अवैध खनन के मामले में सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट समेत कई अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में हमीरपुर की तत्कालीन जिलाधिकारी बी. चंद्रकला समेत उन सभी 11 लोगों को नामजद किया गया है जिनके नाम सीबीआई की एफआईआर में थे।
ईडी ने इन सभी को पूछताछ के लिए समन जारी कर 24 जनवरी से 1 फरवरी के बीच बुलाया है। चंद्रकला को उनके महागुण मार्फेस, सेक्टर- 50 नोएडा स्थित आवास पर नोटिस भेजकर 24 जनवरी को सुबह 11 बजे ईडी के लखनऊ कार्यालय में बुलाया गया है। चंद्रकला इन दिनों अध्ययन अवकाश पर हैं। वहीं एमएलसी रमेश मिश्रा को 28 जनवरी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
जिलाधिकारी से मांगा खनन का ब्यौरा
सूत्रों की मानें तो ईडी ने हमीरपुर के वर्तमान जिलाधिकारी से 2012 से 2016 के बीच हुए खनन पट्टों का पूरा ब्यौरा मांगा है। इस मामले में पूछताछ के बाद अगर किसी अन्य का नाम सामने आता है तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा।
अखिलेश या गायत्री का नाम नहीं
ईडी की एफआईआर में तत्कालीन खनन मंत्री अखिलेश यादव या पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को नामजद नहीं किया गया है। न ही सीबीआई की तरह इस अवधि में खनन मंत्रियों की भूमिका की जांच का एफआईआर में कोई जिक्र है। एक अधिकारी ने बताया कि अगर जांच के दौरान किसी की भूमिका के बारे में जानकारी होती है तो उससे भी पूछताछ और कार्रवाई की जाएगी।
सीबीआई ने शुरू की थी जांच
बता दें कि गत तीन जनवरी को सीबीआई ने अवैध खनन के मामले में एफआईआर दर्ज कर बी. चंद्रकला समेत एक दर्जन से अधिक लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें करोड़ों की नकदी, जेवरात व दस्तावेज आदि बरामद किए गए थे।
11 नामजद और उन पर लगी धाराएं
तत्कालीन जिलाधिकारी बी. चंद्रकला, तत्कालीन खनन अधिकारी मोइनुद्दीन, माइनिंग क्लर्क राम आसरे प्रजापति, एमएलसी रमेश मिश्रा, पट्टाधारी दिनेश कुमार मिश्रा, अंबिका तिवारी, संजय दीक्षित, सत्यदेव दीक्षित, रामअवतार सिंह, करन सिंह और आदिल खान शामिल हैं। इसके अलावा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 483 और 420 के साथ ही प्रिवेंशन आफ करप्शन एक्ट की धारा 13 के तहत केस दर्ज किया गया है।