छात्रवृत्ति योजना फर्जीवाड़ा: ED ने हाइजिया एजुकेशनल ग्रुप के दो संचालक और कर्मचारी गिरफ्तार, जानें ये मामला
ईडी की टीम ने बुधवार को हाइजिया ग्रुप की ओरेगन एजुकेशनल सोसाइटी के वाइस प्रेसीडेंट इजहार हुसैन जाफरी उर्फ हनी जाफरी, मैनेजर एंड एडवरटाइजर अली अब्बास जाफरी और हाइजिया कालेज ऑफ फार्मेसी के कर्मचारी रवि प्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया है। ये सभी छात्रवृत्ति घोटाले में अहम भूमिका अदा कर रहे थे।
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गरीबों, अल्पसंख्यकों और एससी-एसटी वर्ग के छात्रों के करोड़ों रुपये छात्रवृत्ति हड़पने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने लखनऊ के हाइजिया एजुकेशनल ग्रुप के दो संचालकों और एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। ईडी के संयुक्त निदेशक के नेतृत्व में टीम तीनों से पूछताछ कर रही है। जांच में सामने आ रहा है कि ऐसे लोगों के नाम दर्शाकर भी छात्रवृत्ति वसूली गई जो सीनियर सिटीजन हैं। जिनकी मौत हो चुकी है। गिरफ्तार किए गए लोग फिनो पेमेंट बैंक के एजेंटों से मिलकर फर्जी बैंक खाते खोल रहे थे और फिर पूरा खेल कर रहे थे।
ईडी की टीम ने बुधवार को हाइजिया ग्रुप की ओरेगन एजुकेशनल सोसाइटी के वाइस प्रेसीडेंट इजहार हुसैन जाफरी उर्फ हनी जाफरी, मैनेजर एंड एडवरटाइजर अली अब्बास जाफरी और हाइजिया कालेज ऑफ फार्मेसी के कर्मचारी रवि प्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया है। ये सभी छात्रवृत्ति घोटाले में अहम भूमिका अदा कर रहे थे। अपात्र लोगों के आधार कार्ड के जरिए बैंक खाते खोलकर उन्हें छात्र दर्शाते और उनके नाम पर छात्रवृत्ति हड़पी जाती।
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खास तौर पर एमबीए, पीजीडीबीएम, पीजीडीसीए आदि के छात्र और दिव्यांग दिखाकर छात्रवृति ली गई। कई ऐसे सही छात्रों के नाम से भी पैसा लिया गया जिन्हें इस बाबत जानकारी ही नहीं हुई। हैरत की बात यह है कि मृतकों के नाम से तो छात्रवृत्ति ली ही गई, साथ ही ऐसे लोगों के नाम से भी छात्रवृत्ति हड़पी गई जिनकी आयु 7 से 12 वर्ष या 45 साल से ऊपर है। पूछताछ में सामने आ रहा है कि पकड़े गए लोग फिनो बैंक में छात्रों के खातों को खुद संचालित करते थे। अपने हिसाब से मोबाइल नंबर देते ओर एटीएम कार्ड लेकर खुद ही सारा लेनदेन करते। सभी आईडी पासवर्ड का ये स्वयं इस्तेमाल करते और अलग अलग लोकेशन से पैसा खातों से निकालते। पैसा भले ही छात्रों के खातों में जाता हो पर व्यवस्था में पूरी सेंध लगाने का काम ये तीनों करते थे। अदालत से तीनों की ईडी के लिए पांच दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर की है।
गौरतलब है कि 16 फरवरी को इस मामले में ईडी ने समूह के उप्र में दस से ज्यादा इंस्टीट्यूट में छापेमारी की थी। न केवल इन संस्थानों में बल्कि अन्य संस्थानों में छात्रवृत्ति में गड़बड़ी के सबूत सामने आए थे। इसी को लेकर ईडी लगातार कार्रवाई कर रही है।