अंतिम चरण के मतदान में सुरक्षा के लिए झोंकी ताकत
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सूबे में लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में मतदान के दौरान सुरक्षा प्रबंध चौकस रखने के लिए अफसरों ने पूरी ताकत झोंक दी है।
चुनाव के लिए केंद्र से मिला सारा बल और सूबे की पुलिस, होमगार्ड, जीआरपी, पीआरडी आदि सभी विभागों के बल को अंतिम चरण के चुनाव वाले जिलों में तैनात कर दिया गया है।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था मुकुल गोयल भी शुक्रवार को वाराणसी पहुंच जाएंगे और प्रचार समाप्त होने तक वहीं कैंप करेंगे।
डीजीपी मुख्यालय के कुछ और अधिकारियों को भी अंतिम चरण के चुनाव वाले जिलों में भेजा जा रहा है।
बूथ कैप्चरिंग की आशंका
निर्वाचन आयोग के निर्देश और विपक्षी दलों द्वारा सत्तारूढ़ दल पर बूथ कैप्चरिंग कराए जाने की आशंका जताए जाने के बाद से ही यह कवायद शुरू की गई है।
इससे पहले अफसर केंद्रीय बलों की संख्या कम होने की बात ही कह रहे थे। अब लगभग तीन सौ कंपनी केंद्रीय सुरक्षा बल, साठ कंपनी से अधिक पीएसी और करीब ढाई लाख सुरक्षाकर्मियों को इन जिलों में तैनात किया जा रहा है।
वाराणसी में सुरक्षा के दोहरे इंतजाम किए जा रहे हैं। यहां के सभी बूथों पर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती का फैसला तो पहले ही कर लिया गया था, अब मतदान केंद्रों के बाहरी घेरे में सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
इसके साथ ही राजपत्रित अधिकारियों की सक्रियता भी बढ़ा दी गई है।
मोदी के कारण कड़ी सुरक्षा
दरअसल भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न पार्टियों के दिग्गज नेताओं की वाराणसी में मौजूदगी के चलते इस धर्मनगरी की बढ़ी संवेदनशीलता को देखते हुए ये कदम उठाए गए हैं।
वहीं केंद्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा शहर के धार्मिक स्थलों के साथ ही नरेंद्र मोदी के भी आतंकी संगठनों के निशाने पर होने की सूचना के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
नक्सल प्रभावित जिलों में विशेष चौकसी
नक्सल प्रभावित इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है। इन इलाकों में केंद्रीय अर्द्धसैनिक सुरक्षा बलों को अधिक से अधिक तादाद में तैनात किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही पीएसी के प्रशिक्षित जवानों को भी नक्सल प्रभावित इलाकों में गश्त आदि की ड्यूटी पर तैनात किया गया है। अधिक ग्रामीण या जंगल के इलाके में आने वाले मतदान केंद्रों पर बैक अप सिक्योरिटी टीमें भी तैनात रखी जा रही हैं।