स्कूल में भूकंप का नाम लेते ही आ गया भूकंप!
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भूकंप आने पर जमीन हिलने लगती है। दरवाजे-खिड़कियां कांपने लगते हैं। भूकंप पर आधारित पाठ पढ़ाते हुए शिक्षिका विजयलक्ष्मी ने क्लास में जैसे ही बच्चों से यह कहा जमीन सचमुच हिलने लगी। खिड़की-दरवाजे कांपने लगे। दो मिनट तक जब ऐसा ही माहौल रहा तो शिक्षिका को समझ आया कि वाकई में भूकंप आ गया है।
वह छात्राओं को इस बात का डेमो दे रहीं थीं कि भूकंप आता कैसे है कि तभी भूकंप आ भी गया। यह वाकई एक चौंकाने वाली घटना थी। लखनऊ के बच्चे आमतौर पर बच्चे पूरी जिंदगी सिर्फ भूकंप के बारे में सुनते ही हैं लेकिन शनिवार को उन्होंने भूकंप को लाइव होते ही देख लिया। वह भी तब जब क्लास में भूकंप का पाठ पढ़ाया जा रहा था।
आज भूकंप का चैप्टर ही था
विकास खंड काकोरी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शनिवार को अजीब वाकया हुआ। स्कूल शिक्षिका विजयलक्ष्मी रोज की तरह सुबह साढ़े 11 बजे कक्षा सात में भूगोल विषय पढ़ाने के लिए पहुंचीं। आज का चैप्टर भूकंप था।
शिक्षिका बच्चों को भूकंप के लक्षण बता रही थीं वहीं दूसरी ओर वास्तव में भूकंप के झटके महसूस होने लगे। भूकंप का ज्ञान होने पर शिक्षिक बच्चों को लेकर बाहर भागीं। महीने का अंतिम शनिवार होने के कारण एडी बेसिक महेंद्र सिंह राणा काकोरी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय पानखेड़ा में बच्चों का जन्म दिन मनाने पहुंचे थे।
भूकंप के झटके शांत होने के बाद वे कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय पहुंचे। जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बच्चों को खुद भी भूकंप और इसके झटकों के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया।