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लखनऊ: जरुरत से ज्यादा हो गए हैं ई-रिक्शा, पंजीकरण पर रोक, कई रूटों पर लगा प्रतिबंध

Thu, 29 Jun 2023 09:01 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 29 Jun 2023 09:01 AM IST
सार

यूपी की राजधानी में जरुरत से ज्यादा ई-रिक्शा की संख्या को देखते हुए अब इनके पंजीकरण पर रोक लग सकती है। साथ ही कई महत्वपूर्ण रूटों पर इन्हें प्रतिबंधित भी कर दिया गया है। 

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E-rickshaws banned on 11 major routes in Lucknow
ई रिक्शा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या को देखते हुए नए पंजीकरण पर रोक लग सकती है। इसके लिए डीएम ने आरटीओ से ई-रिक्शा के पंजीकरण के अलावा अवैध रूप से हो रहे संचालन पर पूरी रिपोर्ट मांगी है। वहीं, नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा चलाए जाने पर पिता के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ई-रिक्शा भी जब्त किया जाएगा। 11 प्रतिबंधित रूटों पर भी ई-रिक्शा चलते मिला तो सीज कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस पर आरटीओ व पुलिस कार्रवाई कराएंगे। अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टैंड पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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बुधवार को व्यापार बंधु की जिलास्तरीय समिति की बैठक में ई-रिक्शा से होने वाली दिक्कतों का मुद्दा व्यापारियों ने उठाया। इस पर डीएम सूर्यपाल गंगवार ने आरटीओ के अधिकारियों से ई-रिक्शा का संचालन दुरुस्त कराते हुए जाम की समस्या दूर कराने के लिए कहा। डीएम कहा कि आरटीओ बताएं कि शहर में कितने ई-रिक्शा संचालित हैं? कितने अवैध रूप से चल रहे हैं? कितनी जरूरत शहर में ई-रिक्शा की है, यह भी बताएं? एआरटीओ अखिलेश द्विवेदी ने बताया कि ई-रिक्शा के पंजीयन पर रोक का प्रस्ताव है। इस पर रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को देंगे। इसके बाद आगे का फैसला होगा। यह सही है कि ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
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शहर में मौजूद 40 हजार ई-रिक्शा

आरटीओ के मुताबिक करीब 40 हजार ई-रिक्शा शहर में पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 32 हजार सड़क पर चल रहे हैं। इसके अलावा करीब 10 हजार ई-रिक्शा ऐसे हैं जोकि पंजीकृत नहीं हैं। इनमें से भी करीब आठ हजार अवैध रूप से सवारियां या सामान ढो रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि इससे बाजारों में जाम के हालात बने रहते हैं। इन पर सख्ती से रोक लगाने की जरूरत है। बैठक में ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी कृपाल अग्निहोत्री भी मौजूद रहे।
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एलडीए, आवास विकास कर रहे शोषण

डीएम को एक ज्ञापन देकर व्यापारी नेता अजय त्रिपाठी मुन्ना ने कहा कि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधि में सीलिंग के नाम पर एलडीए, आवास विकास परिषद व्यापारियों का शोषण कर रहे हैं। इस पर रोक लगाएं। आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने भूतनाथ मार्केट में अतिक्रमण हटवाने की मांग की। डीएम ने एसीएम के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई है। यह कमेटी इस पर कार्रवाई कराएगी।


जीएसटी रिटर्न की समस्याएं दूर कराएं

लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा ने कहा कि जीएसटी रिटर्न में काफी समस्याएं व्यापारियों को आ रही हैं। व्यापारियों को 2017-18 की नोटिस भी विभाग भेज रहा है। इससे भी परेशानी बढ़ रही है। छोटे-छोटे व्यापारी मैनुअल डाटा बनाते हैं, जिसमें मानवीय त्रुटि हो जाती है। इसके कारण नोटिस भेजकर पेनल्टी एवं ब्याज की वसूली की जा रही है जो कि उचित नहीं है। उन्हें पेनल्टी व ब्याज की छूट मिलनी चाहिए। महामंत्री उमेश शर्मा ने बताया कि मीना बेकरी के पास शराबियों का जमावड़ा रहता है। महामंत्री जितेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि अमीनाबाद के पटरी दुकानदारों को अभी विस्थापित नहीं किया गया है। सभी चौराहों पर लगी लाइटें ठीक कराई जाएं।

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