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लखनऊ के 14 थानों में खुलेंगे ई-मालखाने
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आयुष्मान पांडेय
लखनऊ। राजधानी में जल्द ही 14 थानों में ई-मालखाने खुलेंगे। एक क्लिक पर मालखाने में मौजूद हर चीज प्रोफाइल के जरिए खुल जाएगी। डीसीपी हेडक्वार्टर शालिनी ने बताया कि तैयारी पूरी हो चुकी है, इसकी शुरुआत विभूतिखंड और गाजीपुर से होगी। लॉकडाउन खुलते ही इन मालखानों का उद्घाटन किया जाएगा।
राजधानी के सभी थानों में मुकदमों से संबंधित माल और आला कत्ल का रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। इससे मालखाने में तैनात हेड मोहर्रिर के तबादले पर चार्ज बदलने में कई महीने का समय लग जाता था। वहीं माल को सुरक्षित रखने में भी दिक्कत आती थी। कई मामलों में तो माल भी गायब हो चुका है। ऐसे में ई-मालखाना खुलने से इन सभी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। डीसीपी ने बताया कि विभूतिखंड, गाजीपुर, अलीगंज, कैसरबाग, बाजारखाला, कृष्णानगर, आलमबाग, कैंट, गोमतीनगर, चौक, महानगर, मोहनलालगंज, काकोरी, हजरतगंज थाने में 30 लाख रुपये खर्च कर ये मालखाने बनाए जाएंगे।
इसे कहते हैं ई-मालखाना
डीसीपी हेडक्वार्टर शालिनी ने बताया कि एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार कराया गया है जिसमें थाने में जब्त माल का फोटो, मुकदमा, अपराध संख्या, जब्त स्थान, विवेचक का नाम, माल की अनुमानित कीमत समेत केस से संबंधित कई जानकारियां ई-मालखाने के सॉफ्टवेयर में होंगी। इसके लिए एक क्यूआर कोड एक्टिव होता है। क्यूआर कोड को संबंधित माल पर लगा दिया जाएगा। क्यूआर कोड स्कैन करते ही मुकदमे की सारी जानकारी कंप्यूटर पर आ जाएगी।
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लखनऊ। राजधानी में जल्द ही 14 थानों में ई-मालखाने खुलेंगे। एक क्लिक पर मालखाने में मौजूद हर चीज प्रोफाइल के जरिए खुल जाएगी। डीसीपी हेडक्वार्टर शालिनी ने बताया कि तैयारी पूरी हो चुकी है, इसकी शुरुआत विभूतिखंड और गाजीपुर से होगी। लॉकडाउन खुलते ही इन मालखानों का उद्घाटन किया जाएगा।
राजधानी के सभी थानों में मुकदमों से संबंधित माल और आला कत्ल का रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। इससे मालखाने में तैनात हेड मोहर्रिर के तबादले पर चार्ज बदलने में कई महीने का समय लग जाता था। वहीं माल को सुरक्षित रखने में भी दिक्कत आती थी। कई मामलों में तो माल भी गायब हो चुका है। ऐसे में ई-मालखाना खुलने से इन सभी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। डीसीपी ने बताया कि विभूतिखंड, गाजीपुर, अलीगंज, कैसरबाग, बाजारखाला, कृष्णानगर, आलमबाग, कैंट, गोमतीनगर, चौक, महानगर, मोहनलालगंज, काकोरी, हजरतगंज थाने में 30 लाख रुपये खर्च कर ये मालखाने बनाए जाएंगे।
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इसे कहते हैं ई-मालखाना
डीसीपी हेडक्वार्टर शालिनी ने बताया कि एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार कराया गया है जिसमें थाने में जब्त माल का फोटो, मुकदमा, अपराध संख्या, जब्त स्थान, विवेचक का नाम, माल की अनुमानित कीमत समेत केस से संबंधित कई जानकारियां ई-मालखाने के सॉफ्टवेयर में होंगी। इसके लिए एक क्यूआर कोड एक्टिव होता है। क्यूआर कोड को संबंधित माल पर लगा दिया जाएगा। क्यूआर कोड स्कैन करते ही मुकदमे की सारी जानकारी कंप्यूटर पर आ जाएगी।
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