{"_id":"9952275cb4b125177a7407cb95f30a0f","slug":"dwarkadheesh-in-politics","type":"story","status":"publish","title_hn":"कौन है फैजाबाद के द्वारिकाधीश?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कौन है फैजाबाद के द्वारिकाधीश?
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Mon, 23 Sep 2013 10:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले हफ्ते सहकारिता भवन में ‘देसी इंजीनियरों’ का जमावड़ा था। सूबे के बड़े-बड़े लोग इसमें शामिल हुए।
विज्ञापन
यह जलसा था तो पूजा-पाठ, आराधना व सम्मान के लिए लेकिन वहां पहुंचने पर पता चला कि यह चुनाव प्रचार का जरिया और मुख्य मेहमान को खुश करने की चापलूसी को लेकर ज्यादा था।
अपने फैजाबाद के एक नवोदित नामी नेताजी मुख्य मेहमान की चापलूसी करते-करते उन्हें अयोध्या का द्वारिकाधीश तक बता गए। बोले, अयोध्या के लोग उन्हें अयोध्या का द्वारिकाधीश कहते हैं।
विज्ञापन
पटेल को देश का लौहपुरुष कहा जाता है। भाजपा वाले आडवाणी जी को लौहपुरुष के रूप में प्रचारित करते हैं। तो यहां वोट मांगने वाले नेताजी ही पीछे क्यों रहते?
विज्ञापन
धीर, गंभीर व चापलूसी से दूर रहने की अपनी छवि से इतर उन्होंने मुख्य मेहमान को सूबे का लौहपुरुष बना डाला। मेहमान अगर देने या दिलाने में सक्षम हो तो नंबर कौन नहीं बढ़वाना चाहेगा।
बाद में चाहे चौधरी साहब बोले या यादव जी, दोनों ने ही खूब दार्शनिक बातें कीं। कसीदे नेताजी की काढ़ रहे थे लेकिन इसका ध्यान रखकर कि लौहपुरुष के रुतबे में भी कोई कसर न रह जाए।