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जूनियर मोदी परेशान, मुसीबत बन गई शक्ल
निशांत यादव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 01 Mar 2014 10:18 PM IST
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पिछले दिनों मैं बेगमपुरा एक्सप्रेस से वाराणसी से सहारनपुर अपने घर जा रहा था। मुरादाबाद में चाय पीने की इच्छा हुई तो मैं स्टेशन पर उतर गया।
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चाय वाले के काउंटर पर पहुंचा ही था कि सैकड़ों की भीड़ ने मुझे घेर लिया। कुछ देर में मोदी के जयकारे गूंजने लगे।
दरअसल मेरी नरेंद्र मोदी की हुबहू शक्ल ने लोगों में यह भ्रम पैदा कर दिया। अब जहां भी जाता हूं लोग नरेंद्र मोदी समझ बैठते हैं। अब तो डर के कारण मैं चाय पीने स्टेशन पर उतरने से भी कतराता हूं।
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बिल्कुल नरेंद्र मोदी की कदकाठी वाले अमिनंदन पाठक शनिवार सुबह सहारनपुर से जब चारबाग स्टेशन पहुंचे तो यहां भी सैकड़ों की भीड़ ने उनको घेर लिया।
नरेंद्र मोदी के हमशक्ल अमिनंदन पाठक सहारनपुर केकपिल विहार कॉलोनी के रहने वाले हैं। वह सहारनपुर में एक निजी स्कूल में अध्यापक भी हैं।
बकौल अमिनंदन पाठक पिछले दिनों जब नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया गया तो लोगों का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हुआ।
उनके टेलीविजन पर चल रहे नरेंद्र मोदी के भाषण को देख बच्चे बोल देते कि पापा यह आप भाषण दे रहे हो। घर आने वाले परिचित भी पाठक जी की जगह अब नरेंद्र मोदी कहने लगे।
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ये भी लड़ चुके हैं लोकसभा चुनाव
अमिनंदन पाठक सहारनपुर से 1999 में लोकसभा का निर्दलीय चुनाव लड़ चुक हैं, जबकि 2012 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने अपना भाग्य आजमाया था। नरेंद्र मोदी का प्रचार अमिनंदन पाठक मोटरसाइकिल से 27 जनवरी से उत्तर प्रदेश का भ्रमण करते हुए कर रहे हैं।
यदि अमिनंदन पाठक की माने तो वह 21 फरवरी को राजघाट गए और वहां नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री न बनने तक अन्न का त्याग का संकल्प ले लिया। इस समय वह अन्न न खाकर फलाहार करते हैं।
अमिनंदन पाठक ने भाजपा प्रदेश कार्यालय आकर फरवरी 2014 में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। अमिनंदन बताते हैं कि कई बार उनके कारण ट्रेनें स्टेशनों पर खड़ी भी रहीं।