फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Drought possibilities in Uttar Pradesh

बुरी खबर: यूपी में फिर सूखे का खतरा, कम बारिश

Mon, 21 Sep 2015 10:27 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 21 Sep 2015 10:27 PM IST
विज्ञापन
Drought possibilities in Uttar Pradesh

प्रदेश के 26 जिले गंभीर सूखे का सामना कर रहे हैं। ये जिले ऐसे हैं जहां 50 प्रतिशत से कम बरसात हुई है। इनमें से 12 जिले तो ऐसे हैं जहां 40 प्रतिशत से भी कम बारिश हुई। लगातार प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहे किसानों के लिए नई मुसीबत चुनौतीपूर्ण है।

विज्ञापन


इसी साल फरवरी से अप्रैल तक किसानों ने बेमौसम बारिश व ओलों का कहर झेला। राहत के नाम पर केंद्र से राज्य तक खूब सियासत हुई और दो तिहाई जिले के किसानों को पर्याप्त राहत नहीं पहुंची। कई जिलों में अब भी राहत वितरण का काम चल रहा है। इस विपदा से किसान उबरे भी नहीं कि सूखे ने दस्तक दे दी। किसानों ने पिछले साल भी सूखे का कहर झेला था।
विज्ञापन


प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा ने जिलों में सामान्य से कम बारिश की सूचना के बाद कई बिंदुओं पर तत्काल सूचना मांगी है। उनसे कई ऐसे सवाल किए गए हैं जिनसे यह पता चल सकेगा कि जिले सूखे की चुनौती से निपटने के लिए कितने तैयार हैं। इसके बाद सरकार गंभीर स्थिति का सामना कर रहे जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की कार्यवाही कर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्षा की स्थिति
12 जिले--सामान्य
24 जिले--सामान्य से कम (60 से 80 प्रतिशत)
27 जिले--अत्यधिक कम बरसात (40 से 60 प्रतिशत)
12 जिले--अत्यल्प (40 प्रतिशत से भी कम)

अमेठी, रायबरेली, अंबेडकरनगर में 50 प्रतिशत से कम बारिश

Drought possibilities in Uttar Pradesh

लखनऊ, अमेठी, रायबरेली, अंबेडकरनगर, एटा, हाथरस, फर्रुखाबाद, रामपुर, ललितपुर, मऊ, संतकबीरनगर, उन्नाव, हमीरपुर, देवरिया, चित्रकूट, मैनपुरी, महराजगंज, औरैया, पीलीभीत, कानपुर नगर, महोबा, आगरा, कुशीनगर, कानपुर देहात, कौशांबी व फतेहपुर।

ये सूचनाएं मांगीं
- मंडल व जिला मुख्यालय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कितने घंटे बिजली सप्लाई
- कितने ट्रांसफार्मर खराब
- कितने नलकूपों के लिए बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने की जरूरत

- कुल टेलों की संख्या और उनका ब्यौरा जहां पानी नहीं पहुंचा
- जिले में पंप कैनाल की संख्या और इससे सिंचाई की स्थिति
- नलकूपों के साथ स्थायी रूप से, 15 दिन से कम और 15 दिन से अधिक खराब हैंडपंपों की संख्या

- पेयजल व सिंचाई वाले सरकारी नलकूपों की स्थिति
- रिबोर कराए जाने वाले हैंडपंप व रिबोर क राए गए हैंडपंप
- पेयजल समस्या से ग्रस्त, महामारी प्रभावित, पशुरोग प्रभावित और चारे की कमी वाले गांवों, नगरों व नगर पालिकाओं व नगर निगमों की संख्या

-जिले में तालाब व कुएं में पेयजल उपलब्धता
- खरीफ फसल बुआई का ब्यौरा, लक्ष्य, बोया गया क्षेत्रफल, 50 प्रतिशत से अधिक प्रभावित फसल।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed