बकरीद की नमाज के लिए पुलिस का खास इंतजाम, ड्रोन के हवाले सुरक्षा की जिम्मेदारी
बकरीद पर पुराने लखनऊ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पुराने लखनऊ को दो जोन व छह सेक्टर में बांट कर पुलिस व प्रशासन की टीमों को निगरानी के लिए लगाया गया है।
इसके साथ ही ड्रोन कैमरों से भी पुराने लखनऊ के चप्पे चप्पे पर नजर रखने का कार्य अगले चौबीस घंटे तक नियमित अंतराल पर होगा।
यह जानकारी देते हुए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि बकरीद के मुबारक मौके पर नमाजियों का विशेषतौर पर ध्यान रखते हुए उन्हें हर संभव सहूलियत मुहैया करायी जाएगी।
उन्होंने निगरानी से जुड़े सभी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि इस दौरान अमन चैन व शांति व्यवस्था बनाए रखने को क्षेत्रीय स्तर पर गठित अमन कमेटियों के साथ मिलकर चौकसी का कार्य करे।
चिह्नित इलाकों में अराजकतत्वों पर निगरानी को सीसीटीवी कैमरे के साथ ड्रोन की मदद भी ली जाएगी। उन्होंने बताया कि बकरीद पर आयोजित होने वाली सामूहिक नमाज व कुर्बानी को देखते हुए चिह्नित स्थानों के आसपास यातायात व्यवस्था पर विशेषतौर से ध्यान रखने को निर्देशित किया गया है।
कुर्बानी की फोटो और वीडियो न करें सोशल मीडिया पर पोस्ट
ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने शुक्रवार को मस्जिद दारूल उलूम फरंगी महल में जुमे की नमाज के खुत्बे में नमाजियों से कुर्बानी करते हुए जानवरों की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में पोस्ट न करने की अपील की।
मौलाना ने कहा कि ईद-उल-अजहा हजरत इब्राहीम और हजरत इस्माइल की कुर्बानी की याद में मनाई जाती है। मौलाना ने कहा कि मुसलमान नमाज के बाद बिना किसी खौफ के जानवरों की कुर्बानी करें।
बाजारों में देर रात तक छाई रही रौनक
लखनऊ। बकरा मंडी के साथ ही बाजारों में ईद-उल-अजहा की रौनक देर रात तक छाई रही। अमीनाबाद, मौलवीगंज व नक्खास में लोगों ने खूब खरीदारी की।
महिलाओं की टोलियों ने जहां चूड़ी, कंगन, कपड़ों की खरीदारी की, वहीं पुरुषों का टोपियों पर जोर रहा। लोगों ने मेहमाननवाजी के लिए खास मिठाइयों की खरीदारी की। उधर, कुर्बानी के लिए बकरा मंडी में खरीदारों की जबर्दस्त भीड़ देर रात तक उमड़ती रही।
बकरा मंडी में उमड़े खदीदार
इस बार मंडी में आए महंगे बकरों के खरीदार नहीं मिले। सवा-डेढ़ लाख रुपये से ऊपर के बकरों के व्यापारी अभी भी शौकीनों के इंतजार में हैं। व्यापारियों का कहना है कि नोटबंदी और जीएसटी के कारण लोगों ने महंगे बकरों की खरीद से किनारा कर लिया।