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खुद आरटीओ बनकर उगाही कर रहा था एआरटीओ का ड्राइवर
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लखनऊ। राजधानी में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) का चालक खुद संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) बनकर वाहन चेकिंग के नाम पर उगाही कर रहा था। पारा थाना क्षेत्र निवासी एक ट्रांसपोर्टर ने यह आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
पारा थाना के इंस्पेक्टर दधिबल तिवारी के मुताबिक, मर्दनखेड़ा निवासी नीरज कुमार यादव ने आरोप लगाया है कि नरपतखेड़ा भव्यापुरम निवासी विनोद यादव खुद को आरटीओ का चालक बताकर गत 25 दिसंबर 2021 को मेरा ट्रक जलालपुर क्रॉसिंग पर रोक लिया और फ ोटो खींचकर ओवरलोड बताकर सीज करने की धमकी की बात कहने लगा। विनोद यादव ने ट्रक सीज न करने के एवज में दस हजार रुपये वसूल लिए। दस हजार रुपये की उगाही करने के बाद उसका लालच और बढ़ गया।
इसके बाद विनोद ने 27 दिसंबर को दोबारा पांच हजार की वसूली कर ली। फिर विनोद एक जनवरी को नरपतखेड़ा स्थित मेरी दुकान पर पहुंच पांच हजार रुपये की मांग करने लगा। नीरज का आरोप है कि विनोद कभी आरटीओ तो कभी आरटीओ का ड्राइवर बताकर कई ट्रांसपोर्टरों से वसूली कर चुका है। दरअसल, एक एआरटीओ की गाड़ी चला रहा था।
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पारा थाना के इंस्पेक्टर दधिबल तिवारी के मुताबिक, मर्दनखेड़ा निवासी नीरज कुमार यादव ने आरोप लगाया है कि नरपतखेड़ा भव्यापुरम निवासी विनोद यादव खुद को आरटीओ का चालक बताकर गत 25 दिसंबर 2021 को मेरा ट्रक जलालपुर क्रॉसिंग पर रोक लिया और फ ोटो खींचकर ओवरलोड बताकर सीज करने की धमकी की बात कहने लगा। विनोद यादव ने ट्रक सीज न करने के एवज में दस हजार रुपये वसूल लिए। दस हजार रुपये की उगाही करने के बाद उसका लालच और बढ़ गया।
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इसके बाद विनोद ने 27 दिसंबर को दोबारा पांच हजार की वसूली कर ली। फिर विनोद एक जनवरी को नरपतखेड़ा स्थित मेरी दुकान पर पहुंच पांच हजार रुपये की मांग करने लगा। नीरज का आरोप है कि विनोद कभी आरटीओ तो कभी आरटीओ का ड्राइवर बताकर कई ट्रांसपोर्टरों से वसूली कर चुका है। दरअसल, एक एआरटीओ की गाड़ी चला रहा था।
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