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Lucknow News: तराई में गहरा रहा पेयजल संकट

Tue, 16 Apr 2024 12:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Tue, 16 Apr 2024 12:58 AM IST
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Drinking water crisis deepens in Terai
श्रावस्ती। जिले में संचारी रोग नियंत्रण माह एक अप्रैल से संचालित हो रहा है। जबकि जिले वासी गंदगी के बीच रह कर दूषित पेयजल का सेवन कर रहे हैं। संचारी रोग से ग्रसित होकर अस्पताल आने वाले मरीज व तीमारदारों को भी गंदगी के बीच दूषित जल पीना पड़ रहा है। अस्पताल में कहीं खराब आरओ तो कहीं खराब नल लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का भी है। जहां खराब हैंडपंप व ओवरहेड टैंक लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।
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दूषित जल का सेवन व गंदगी बीमारियों की जननी है। इसका दावा करने वाला स्वास्थ्य विभाग स्वयं इसे कितना महत्व देता है। यह जिले में किसी से छिपा नहीं है। चाहे संयुक्त जिला चिकित्सालय हो अथवा सीएचसी या फिर पीएससी। सभी जगह सफाई व्यवस्था बदहाल है। एक तरफ जहां अस्पताल परिसर की सफाई नहीं की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ अस्पताल का कूड़ा व मेडिकल कचरा वार्ड के पीछे व सामने ही फेंका जा रहा है। अस्पताल में लगे ज्यादातर हैंडपंप या तो खराब है या फिर उनसे दूषित जल निकल रहा है। वहीं अस्पताल में स्थापित आरओ भी या तो खराब है या बंद हैं। जिसकी वजह से लोग गंदगी के बीच स्थापित हैंडपंपों का दूषित जल पीने को विवश हैं।
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नहीं चालू हुआ ओवरहेड टैंक
सिरसिया क्षेत्र के भूगर्भ जल में आर्सेनिक की मात्रा अधिक है। ऐसे में लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए गांव गांव ओवरहेड टैंक बनवाए जा रहे हैं। वहीं भचकाही में बना ओवरहेड टैंक काफी समय से तकनीकी खराबी के कारण बंद है। ऐसे में ग्रामीण कम गहराई वाले निजी हैंडपंप का पानी पी कर अपनी सेहत खराब कर रहे हैं।
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टंकी ही नहीं आरओ भी नहीं दे रहा पानी
सीएचसी भिनगा गेट पर लोगों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पानी की टंकी स्थापित की गई थी, जो खराब है। वहीं परिसर में लगा हैंडपंप भी पानी नहीं दे रहा है। यही स्थिति जिला अस्पताल की भी है। जहां लगे तीन में से दो सरकारी हैंडपंप खराब है। वहीं यहां लेबर रूम के निकट लगा आरओ भी खराब है। इससे लोगों दूषित जल पीने को विवश हैं।ग्रामीण क्षेत्र में लगे ज्यादातर हैंडपंप खराब हैं। इससे आंगनबाड़ी केंद्र व विद्यालय भी अछूते नहीं हैं। जमुनहा के ग्राम लालपुर हरिडीह स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्र के सामने लगे हैंडपंप को रिबोर किया गया है जिसके चारों तरफ बिना फर्श व सोकपिट खुला छोड़ दिया गया। यहां चबूतरा न होने के कारण बच्चे गंदगी के बीच पानी पीने को विवश हैं। वहीं खुला सोकपिट दुर्घटना का कारण बन सकता है।
मवेशियों के लिए भी नहीं पानी
ग्रामीण क्षेत्रों में बने अधिकांश आदर्श जलाशय सूखे हैं। जिनमें पानी न होने के कारण छुट्टा व पालतू मवेशियों सहित पशु-पक्षियों के सामने पेयजल संकट है। प्रशासन के दावों के बावजूद तालाब न भरवाए जाने के कारण चढ़ते पारे के साथ ही यह समस्या और बढ़ती जा रही है।

तलब की जा रही रिपोर्ट
नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में खराब हैंडपंपों व सूखे तालाबों के संबंध में संबंधित बीडीओ व ईओ से प्रगति रिपोर्ट तलब की जा रही है। इसके बाद यदि कहीं कोई कमी मिलती है तो उसे दूर कराया जाएगा।
- अमरेंद्र कुमार वर्मा, एडीएम
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