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IITR: डॉ. पंत को राष्ट्रीय बायोसाइंस अवॉर्ड
अतुल भारद्वाज/लखनऊ
Updated Thu, 19 Dec 2013 05:02 PM IST
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजिकल रिसर्च (आईआईटीआर) के वैज्ञानिक डॉ. आदित्य भूषण पंत को राष्ट्रीय बायोसाइंस अवॉर्ड मिला है।
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भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की तरफ से यह सम्मान उन्हें जैवतकनीक के क्षेत्र में शोध कार्य के लिए दिया गया।
पुरस्कार के साथ उन्हें दो लाख रुपये नगद और तीन साल के लिए रिसर्च ग्रांट दी गई है।
मूलरूप से उत्तराखंड के निवासी डॉ. पंत ने आईआईटी रुड़की से बायोटेक्नोलॉजी में पीएचडी की। सीमैप के साथ 22 साल पहले कॅरिअर की शुरुआत करने वाले डॉ. पंत इस समय आईआईटीआर से जुड़े हुए हैं।
वर्ष 2012 के लिए उन्हें यह राष्ट्रीय बायोसाइंस अवॉर्ड मानव का विकास, चोट की हीलिंग में शामिल सेलुलर और आणविक तंत्र को समझने पर किए काम के लिए दिया गया।
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मंगलवार को उन्हें दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने प्रदान किया।
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए डा. पंत का चयन नई दवा के अणुओं की न्यूरोटॉक्सिक/न्यूरोप्रोटेक्टिव संभावित स्क्रीन के लिए नई और अधिक संवेदनशील व कम लागत वाले प्रभावी मानव स्टेम सेल आधारित मॉडल का विकास और सत्यापन के लिए किया गया।
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इसका उपयोग गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं में किया जा सकता है।
वह इस समय बच्चे के जन्म से पहले दिमाग के विकास में दवाओं और रसायनों की जैव सुरक्षा/विषाक्तता का मूल्यांकन करने के लिए सेक्रेटम मॉडल पर काम कर रहे हैं। इससे नवजात के गर्भ में सही विकास को भी दिशा मिलेगी।