'देश सेवा के लिए फांसी चढ़ने की जरूरत नहीं'
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केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी व भू-विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने युवाओं से कहा कि नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि देने वाला बनना चाहिए। डिग्री हासिल करने का एक मात्र उद्देश्य नौकरी पाना नहीं होना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से कहा कि अपने जीवन में लक्ष्य जरूर तय करिए और उसे पाने के लिए जी-तोड़ मेहनत करिए। देश सेवा के लिए आज हमें शहीद भगत सिंह की तरह फांसी पर चढ़ने व गुरु तेग बहादुर की तरह बलिदान देने की जरूरत नहीं है। छोटे-छोटे लक्ष्यों से भी देश व समाज की सेवा की जा सकती है।
डॉ. हर्षवर्द्धन रविवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने डिग्री पाने वाले युवाओं को जीवन में तरक्की के मूल मंत्र भी बताए। कहा कि ईमानदारी से हर बड़े लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। जीवन में आप चाहें जितनी खराब किस्मत लेकर क्यों न पैदा हुए हों, लेकिन ईमानदारी के बल पर ऊंचे से ऊंचा स्थान प्राप्त किया जा सकता है।
'शिक्षा भी दोधारी तलवार की तरह होती है'
केंद्रीय मंत्री बोले, सत्य, कर्म, करुणा व ईमानदारी ऐसी बहुमूल्य चीजें हैं जो कभी भी पराजित नहीं होती हैं। ईमानदारी को जीवन से कभी भी दूर नहीं करना चाहिए। अच्छी शिक्षा का उद्देश्य डिग्री लेना व अच्छे शिक्षक से सब प्राप्त कर लेना नहीं होना चाहिए।
शिक्षा भी दोधारी तलवार की तरह होती है। यदि अच्छी शिक्षा के साथ संस्कार न रहें तो यह समाज के शोषण के लिए इस्तेमाल होने लगती है।
शिक्षा ने ही हमें बेहतर इनसान बनने की प्रेरणा दी है। जीवन में केवल वही लोग जीतते हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं। जीवन में यदि कोई सपना नहीं है तो जीवन ही व्यर्थ है। बड़ा सपना देखिए और उसे पूरा करने की कोशिश में लग जाइये।
उन्होंने कहा कि हमारे देश का गौरवशाली इतिहास रहा है। यहां के ज्ञान को पहले अरब देशों ने ग्रहण किया और फिर अनुवाद के सहारे यूरोपीय देशों तक पहुंचा। इस देश में निष्काम कर्मयोग की परंपरा रही है।
दीक्षांत भाषण में छाए मोदी
समारोह में भले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद उपस्थित नहीं थे, लेकिन दीक्षांत भाषण में वे ही छाए रहे। मुख्य अतिथि डॉ. हर्षवर्द्धन ने कहा कि वे युवाओं के लिए प्रधानमंत्री का संदेश लेकर आए हैं। मोदी ने सबको बधाइयां दी हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे भारत को दुनिया का सुपरपावर देश बनाना चाहते हैं। वे युवाओं से जुड़े रहना चाहते हैं। इसके लिए लगातार प्रयास भी करते रहते हैं। इसके लिए सोशल मीडिया खासकर ट्विटर व फेसबुक आदि का भी सहारा लेते हैं।
उन्होंने कहा कि आजकल नया करने की सोचने वाले युवाओं के लिए स्टार्टअप प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। उन्होंने बैंकों से ऋण दिलाने की योजना भी शुरू की है। युवाओं को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भी 100 स्टार्टअप प्रोजेक्ट शुरू करवाएं हैं। उन्होंने कहा कि देश में 65 फीसदी आबादी युवाओं की है। प्रधानमंत्री चाहते हैं कि युवाओं को हर कदम पर प्रोत्साहित किया जाए। हमारे युवा देश को आगे ले जाने में व खासतौर पर जीडीपी बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
22 साल पहले का सपना हुआ पूरा
डॉ. हर्षवर्द्धन ने कहा कि 22 साल पहले उन्होंने पोलियो मुक्त भारत का जो सपना देखा था वह आज पूरा हो गया है।
उन्होंने बताया कि जिस समय उन्होंने यह सपना पाला था तब यह कठिन लगता था, लेकिन आज यह पूरा हो गया है।
13 जनवरी 2011 के बाद भारत में एक भी पोलियो का केस दर्ज नहीं हुआ है। गौरतलब है कि दिल्ली से 1994 में डॉ. हर्षवर्द्धन ने ही देश में पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की थी।