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Lucknow News: अमेरिकन कॉकर स्पैनियल ने मारी बाजी
Mon, 04 Dec 2023 02:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 04 Dec 2023 02:01 AM IST
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लखनऊ। अवध कैनल क्लब की ओर से आयोजित 89, 90, 91वां अखिल भारतीय डॉग शो का समापन रिजर्व पुलिस लाइन में रविवार को शानदार अंदाज में हुआ। प्रतियोगिता में अमेरिकन कॉकर स्पैनियल की चाल ने बाजी मारी। उसने पहला स्थान पाया तो वहीं तिब्बतियन मास्टिफ ने अपनी शानदार मजबूत बॉडी के चलते सुर्खियां बटोरकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता दो चरणों में हुई जिसमें बेस्ट इन शो अमेरिकन कॉकर स्पैनियल रहा। इसे कोलकाता से पल्लव शाहा लेकर आए थे। दूसरे स्थान पर पंजाब से आई सिमरन जीत सिंह का तिब्बतियन मास्टिफ रहा। तीसरे स्थान पर कोलकाता से आईं सुष्मिता घोष का जर्मन शेफर्ड रहा।
पूरे देश से आए 300 श्वानों के पालकों ने उनकी खातिरदारी में कोई कसर नहीं छोड़ी। अवध कैनल क्लब के सचिव व महोली से विधायक शशांक त्रिवेदी ने बताया कि रविवार को निर्णायक के रूप में बुल्गारिया से निकोलिना दविदोवास्का और अन्टोन हल्बारोव थे जो पहली बार भारत आए हैं। जजों ने श्वानों की चाल, उनके अंदाज के साथ ही उनकी बॉडी और प्रदर्शन को परखा।
एक सप्ताह में सात हजार रुपये केवल शैंपू पर खर्च
कलकत्ता से आए अमित कुमार डे ने बताया कि उनके पास पोमेरेनियन प्रजाति के 15 श्वान हैं जिनकी सिर्फ शैंपू की बात करें तो सप्ताह का खर्चा ही सात हजार है। इस कुत्ते की चार दिनों में ब्रशिंग करना अनिवार्य होता है। दिखने में यह बेहद सुंदर है। उनका पपी बेस्ट इन शो रहा है। पंजाब से आए 25 से ज्यादा तिब्बतियन मास्टिफ पाल रहे हिमरतन ने बताया कि उनके पास सभी 25 श्वान को चिकन चावल बहुत पसंद हैं। गोमतीनगर से श्रेयस दुबे ने बताया कि उनके पास गोल्डन रेट्रीवार है जिसका महीने का खर्च 12 से 13 हजार आता है। वह दाल-चावल का शौकीन है।
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पूरे देश से आए 300 श्वानों के पालकों ने उनकी खातिरदारी में कोई कसर नहीं छोड़ी। अवध कैनल क्लब के सचिव व महोली से विधायक शशांक त्रिवेदी ने बताया कि रविवार को निर्णायक के रूप में बुल्गारिया से निकोलिना दविदोवास्का और अन्टोन हल्बारोव थे जो पहली बार भारत आए हैं। जजों ने श्वानों की चाल, उनके अंदाज के साथ ही उनकी बॉडी और प्रदर्शन को परखा।
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एक सप्ताह में सात हजार रुपये केवल शैंपू पर खर्च
कलकत्ता से आए अमित कुमार डे ने बताया कि उनके पास पोमेरेनियन प्रजाति के 15 श्वान हैं जिनकी सिर्फ शैंपू की बात करें तो सप्ताह का खर्चा ही सात हजार है। इस कुत्ते की चार दिनों में ब्रशिंग करना अनिवार्य होता है। दिखने में यह बेहद सुंदर है। उनका पपी बेस्ट इन शो रहा है। पंजाब से आए 25 से ज्यादा तिब्बतियन मास्टिफ पाल रहे हिमरतन ने बताया कि उनके पास सभी 25 श्वान को चिकन चावल बहुत पसंद हैं। गोमतीनगर से श्रेयस दुबे ने बताया कि उनके पास गोल्डन रेट्रीवार है जिसका महीने का खर्च 12 से 13 हजार आता है। वह दाल-चावल का शौकीन है।
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