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मासूम के सीने से सरिया निकाल डॉक्टरों ने दी जिंदगी

Sun, 08 Mar 2015 10:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फैजाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फैजाबाद Updated Sun, 08 Mar 2015 10:55 AM IST
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Doctors save life of a small child

खेल के दौरान बच्चों के धक्के से सुलतानपुर के कूरेभार निवासी एक पांच वर्षीय मासूम के सीने में चारा मशीन की हैंडिल की सरिया आर-पार हो गई। आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बालक को भर्ती कराया। फिर दो डॉक्टरों की टीम ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सरिया निकाल बच्चे की जान बचाई।

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डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे को इमरजेंसी सर्जिकल वार्ड में एडमिट कर उपचार किया जा रहा है। अब वह खतरे से बाहर है। उधर, आपरेशन की सफलता के बाद परिवार के चेहरे पर रौनक लौट आई है।
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होली के दिन सुलतानपुर जनपद के कूरेभार का रहने वाला पांच वर्षीय प्रभात अपने घर के सामने खेल रहा था। पास ही में चारा काटने के लिए मशीन लगी हुई थी। प्रभात के पिता मनमोहन का कहना है कि साथ में अन्य बच्चे भी खेल रहे थे।
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इसी दौरान सुबह लगभग साढ़े नौ बजे किसी बच्चे ने प्रभात को पीछे से धक्का दे दिया। धक्का लगने के बाद प्रभात चारा मशीन के हत्थे के सरिया से टकराया और सरिया उसके सीने के से आर-पार हो गया।

अटक गई थी परिवार की आस

Doctors save life of a small child

बच्चा चीखा तो साथ खेल रहे बच्चे रोते हुए डरकर भागने लगे। माजरा देख परिवार की सांस अटक गई। किसी को कुछ सूझ नहीं रहा था। किसी तरह सरिया को मशीन से काटकर अलग किया गया और बच्चे को दोपहर बाद एक बजकर 20 मिनट पर जिला अस्पताल फैजाबाद पहुंचाया गया।

मामले की नजाकत देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने रेफर करने के बजाय बच्चे को भर्ती कर सर्जन डॉ. हरिओम व डॉ. एसपी बंसल को तुरंत अस्पताल बुलवा लिया। दोनों सर्जनों ने आपरेशन शुरू किया और दो घंटे के मेहनत के बाद सरिया निकाल लिया गया है।

डॉ. हरिओम ने बताया कि चारा मशीन के हैंडल का राड सीने में दाहिने तरफ घुस गया था। ज्यादा ब्लीडिंग व इंफेक्शन न हो इसलिए आधा घंटे में ही एनेस्थिसिया दे कर ऑपरेशन शुरू किया गया।

ऑपरेशन सफल रहा है, बच्चा अब खतरे से बाहर है। डॉ. एसपी बंसल का कहना था कि एक बारगी वे हालात देख रेफर करने के पक्ष में थे, लेकिन लखनऊ जाने तक इतनी ब्लीडिंग हो जाती कि बच्चे की जान बचनी मुश्किल थी।

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