बच्ची सालभर पहले निगल गई थी सिक्का, केजीएमयू के डॉक्टरों ने निकाला
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केजीएमयू के डॉक्टरों ने सात साल की एक बच्ची के आहार नाल में करीब सालभर से फंसे सिक्के को बाहर निकाल कर उसे दर्द से राहत दिलाई। हालांकि आहार नली के निचले हिस्से में सिक्का फंसा होने से गहरा जख्म हो गया है। डॉक्टरों ने इंडोस्कोपी के जरिये बृहस्पतिवार को ऑपरेट करने बाद उसे घर भेज दिया है।
काकोरी बेहरू की रहने वाली बजरंग की बेटी पायल (7) बीते साल होली के दूसरे दिन घर आए रिश्तेदार बच्ची को रुपये दिए थे। घरवालों ने नोट बच्ची से ले लिया था, लेकिन सिक्का छोड़ दिया। खेल-खेल में बच्ची एक रुपये का सिक्का निगल गई। सिक्का आहार नली से नीचे जाकर फंस गया।
इस दौरान बच्ची को खाने-पीने में कोई परेशानी नहीं हुई तो उसने तीमारदारों से भी कोई भी बात नहीं बताई। करीब साल भर से अधिक समय बीत गया। सिक्का फंसे रहने वाली जगह पर जख्म हो गया। इससे उसे तीन दिन पहले सीने में दर्द उठा।
परिवारीजन डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने बच्ची के सीने का एक्स-रे कराया तो पता चला कि सिक्का आहार नाल के निचले हिस्से में फंसा है। तीमारदार उसे लेकर पहले बलरामपुर अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए।
देखें, ये गलती बिल्कुल न करें
बच्ची को ट्रॉमा सेंटर ले गए, वहां से उसे गैस्ट्रोलॉजी विभाग में भेजा गया। वहां गैस्ट्रोलॉजी विभाग के प्रो. सुमित रोगंटा ने सिक्के को बाहर निकाला। इंडोस्कोपी के जरिये जांच किया तो पता चला कि सिक्के फंसे वाले हिस्से में गहरा जख्म हो गया। डॉक्टर ने बच्ची को लिक्विड डाइट पर रखने के निर्देश दिए हैं।
बच्चों से दूर रखें सिक्का या नुकीली चीजें
- नुकीली या धारदार वस्तुएं, बैटरी, दवा की गोली, सिक्का जैसी खतरनाक चीजों के निगलने पर बच्चे को जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर के पास ले जाएं।
- बहुत छोटी चीजें आमतौर पर एक या दो दिन में बच्चे के मल के साथ बाहर आ जाती हैं। इसलिए हर बार बच्चे के मल की जांच करें। निगली गई वस्तु तीन दिनों तक बाहर न निकले तो डॉक्टर की सलाह लें।
ये गलती बिल्कुल न करें
- सिक्का निगल जाए तो बच्चे को खाने या पीने के लिए कुछ भी न दें और न ही बच्चे को उल्टी कराने की कोशिश करें।
- बच्चे को खाना पचाने वाला सीरप या दवाई न दें और न ही फाइबर युक्त रेशेदार खाना दें।