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आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने टाला कार्य बहिष्कार
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शासन-प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद शनिवार से प्रस्तावित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार एक सप्ताह के लिए टाल दिया गया है। यहां के डॉक्टर पीजीआई के समान वेतनमान की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। शनिवार को डॉक्टरों ने एक घंटे कार्य बहिष्कार की घोषणा की थी। इसके बाद शनिवार सुबह निदेशक प्रो. सोनिया नित्यानंद ने फैकल्टी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को बुलाकर उनसे वार्ता की। इसके बाद डॉक्टरों ने एक सप्ताह के लिए कार्य बहिष्कार स्थगित करने की बात कही है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि शासन-प्रशासन दोनों ही स्तर पर उनकी मांग को लेकर सकारात्मक रुख देखने को मिला है। मांग पूरी करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। इसको और मरीजों के हित को ध्यान में रखते हुए कार्य बहिष्कार का फैसला अगले एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है। हालांकि इस अवधि में प्रदर्शन के माध्यम आंदोलन चलता रहेगा। संस्थान के डॉक्टर पिछले काफी समय से पीजीआई के समान वेतनमान की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर शासनादेश भी जारी हो चुका है, लेकिन अभी तक इसकी सुविधा मिलनी शुरू नहीं हुई है। शनिवार को एक घंटे कामकाज ठप रखने की बात कही गई थी। इसके बाद सोमवार से कार्य बहिष्कार की सीमा दो घंटे करने की बात कही थी।
नीट पीजी काउंसिलिंग को लेकर जेआर का धरना जारी
केजीएमयू और लोहिया संस्थान में रेजीडेंट का धरना जारी है। वहीं दूसरी ओर मरीजों की मुसीबतें भी कम नहीं हो रहीं। रेजीडेंट का धरना समाप्त कराने के लिए शुक्रवार देर रात डीएम और पुलिस कमिश्नर दोनों ने डॉक्टरों से मुलाकात की थी। इसके बाद नीट पीजी काउंसिलिंग न होने तक 272 नॉन पीजी जेआर की नियुक्ति की बात भी कही थी। इसके बावजूद दोनों संस्थानों में रेजीडेंट का धरना जारी रहा।
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धरना प्रदर्शन और सांकेतिक हड़ताल की वजह से दोनों ही संस्थानों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं। भर्ती मरीज भी इलाज न मिलने से परेशान रहे। शनिवार को लोहिया संस्थान की निदेशक डॉ. सोनिया नित्यानंद ने भी रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ बैठक की तथा नॉन पीजी जेआर की भर्ती करने का भरोसा दिलाया। इसके बावजूद रेजीडेंट डॉक्टरों ने धरना खत्म नहीं किया। लोहिया संस्थान रेजिडेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. प्रशांत ने बताया कि संस्थान की निदेशक ने हमारी मांग को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। साथ ही नॉन पीजी जेआर की भर्ती का भी भरोसा दिलाया है। भर्ती होने तक धरना जारी रहेगा।
केजीएमयू में नॉन पीजी जेआर के लिए आवेदन मांगे
केजीएमयू प्रशासन ने रेजीडेंट डॉक्टरों की मांग को देखते हुए शनिवार को नॉन पीजी जेआर के 272 पदों के लिए विज्ञापन जारी कर दिया। इसके लिए अगले चार कार्य दिवसों में अभ्यर्थी को अपना आवेदन देना होगा। यह नियुक्ति नीट-पीजी काउंसिलिंग होने तक के लिए होगी।
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डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि शासन-प्रशासन दोनों ही स्तर पर उनकी मांग को लेकर सकारात्मक रुख देखने को मिला है। मांग पूरी करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। इसको और मरीजों के हित को ध्यान में रखते हुए कार्य बहिष्कार का फैसला अगले एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है। हालांकि इस अवधि में प्रदर्शन के माध्यम आंदोलन चलता रहेगा। संस्थान के डॉक्टर पिछले काफी समय से पीजीआई के समान वेतनमान की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर शासनादेश भी जारी हो चुका है, लेकिन अभी तक इसकी सुविधा मिलनी शुरू नहीं हुई है। शनिवार को एक घंटे कामकाज ठप रखने की बात कही गई थी। इसके बाद सोमवार से कार्य बहिष्कार की सीमा दो घंटे करने की बात कही थी।
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नीट पीजी काउंसिलिंग को लेकर जेआर का धरना जारी
केजीएमयू और लोहिया संस्थान में रेजीडेंट का धरना जारी है। वहीं दूसरी ओर मरीजों की मुसीबतें भी कम नहीं हो रहीं। रेजीडेंट का धरना समाप्त कराने के लिए शुक्रवार देर रात डीएम और पुलिस कमिश्नर दोनों ने डॉक्टरों से मुलाकात की थी। इसके बाद नीट पीजी काउंसिलिंग न होने तक 272 नॉन पीजी जेआर की नियुक्ति की बात भी कही थी। इसके बावजूद दोनों संस्थानों में रेजीडेंट का धरना जारी रहा।
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धरना प्रदर्शन और सांकेतिक हड़ताल की वजह से दोनों ही संस्थानों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं। भर्ती मरीज भी इलाज न मिलने से परेशान रहे। शनिवार को लोहिया संस्थान की निदेशक डॉ. सोनिया नित्यानंद ने भी रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ बैठक की तथा नॉन पीजी जेआर की भर्ती करने का भरोसा दिलाया। इसके बावजूद रेजीडेंट डॉक्टरों ने धरना खत्म नहीं किया। लोहिया संस्थान रेजिडेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. प्रशांत ने बताया कि संस्थान की निदेशक ने हमारी मांग को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। साथ ही नॉन पीजी जेआर की भर्ती का भी भरोसा दिलाया है। भर्ती होने तक धरना जारी रहेगा।
केजीएमयू में नॉन पीजी जेआर के लिए आवेदन मांगे
केजीएमयू प्रशासन ने रेजीडेंट डॉक्टरों की मांग को देखते हुए शनिवार को नॉन पीजी जेआर के 272 पदों के लिए विज्ञापन जारी कर दिया। इसके लिए अगले चार कार्य दिवसों में अभ्यर्थी को अपना आवेदन देना होगा। यह नियुक्ति नीट-पीजी काउंसिलिंग होने तक के लिए होगी।