फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   doctors on strike to protest national medical commission.

डॉक्टर हड़ताल पर: भटकते रहे 55 हजार मरीज, 2400 से ज्यादा ऑपरेशन टले

Wed, 03 Jan 2018 10:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 03 Jan 2018 10:56 AM IST
विज्ञापन
doctors on strike to protest national medical commission.
विरोध प्रदर्शन करते डॉक्टर - फोटो : amar ujala

नेशनल मेडिकल कमीशन के विरोध में निजी डॉक्टरों की हड़ताल का असर मंगलवार को राजधानी में भी रहा। कमीशन के विरोध में निजी अस्पतालों में ताला लटका रहा। तीमारदार मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल लेकर भटकते रहे। 2400 से अधिक ऑपरेशन टाले गए और 55 हजार से अधिक मरीज एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते रहे।

विज्ञापन


पैथोलॉजी व डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक ने भी कमीशन के विरोध का समर्थन किया। आईएमए भवन से डालीगंज चौराहे तक डॉक्टरों मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया। केजीएमयू आईएमए की स्टूंडेंट विंग ने केजीएमयू चौराहे पर प्रदर्शन किया। शाम को चार बजे आईएमए नेशनल काउंसिल ने हड़ताल वापस ली।
विज्ञापन


इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर राजधानी के 1200 से ज्यादा नर्सिंग होम्स और 400 से अधिक पैथोलॉजी, 100 डायग्नोस्टिक सेंटरों पर ताला लटका रहा। सुबह छह बजे से ओपीडी बंद रही। खून व अन्य जांच के नमूने नहीं लिए गए। डॉक्टरों ने मानव श्रृंखला बनाकर नेशनल मेडिकल कमीशन वापस लो के नारे लगाए। इसके चलते डालीगंज चौराहे पर जाम भी लगा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


आईएमए लखनऊ शाखा के प्रवक्ता डॉ. पीके गुप्ता ने कहा कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को भंग करके नेशनल मेडिकल कमीशन को लागू करने की तैयारी है। जबकि इस कमीशन में कई खामियां हैं। आईएमए ने अपना विरोध-प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार को अपना मांग पत्र भेजा है। डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि कमीशन को स्टैंडिंग काउंसिल के सुपुर्द करने की राय बनी है।

विदेशी डिग्री को हरी झंडी देशी पर रोक

doctors on strike to protest national medical commission.

प्रो. जेडी रावत ने बताया कि कमीशन में चीन, रूस व अन्यदेशों से डिग्री लेने वाले चिकित्सकों की पहले एमसीआई एक परीक्षा लेती थी। इसके बाद उन्हें भारत में इलाज करने की अनुमति दी जाती थी। अब देश के मेडिकल कॉलेजों से डिग्री लेने वालों को टेस्ट देने होगा और विदेश से एमबीबीएस की डिग्री खरीद कर लाने वालों को सीधे प्रैक्टिस करने अनुमति दी जाएगी।

मोतियाबिंद के ऑपरेशन से लेकर माइनर सर्जरी भी रही ठप
आईएमए की हड़ताल के चलते राजधानी में मोतियाबिंद के ऑपरेशन से लेकर माइनर सर्जरी तक ठप रही। एक-एक निजी नर्सिंग होम में 8 से 10 ऑपरेशन टाल दिए गए। नर्सिंग होम एसोसिएशन के महासचिव डॉ. अनूप अग्रवाल ने बताया कि लगभग 250 अस्पताल एसोशिएशन में हैं।

इनमें करीब 500 ऑपरेशन टाले गए हैं। जबकि अन्य 1200 अस्पतालों में माइनर सर्जरी को मिलाकर लगभग 2400 ऑपरेशन न होने का अनुमान है। मेयो हॉस्पिटल की निदेशक डॉ. मधुलिका सिंह, शेखर हॉस्पिटल की निदेशक रिचा सिंह आदि ने भी 8 से 10 बड़े ऑपरेशन निरस्त होने की बात स्वीकार की है।

25 हजार से अधिक बिना जांच के लौटे

doctors on strike to protest national medical commission.

पैथोलॉजिस्ट एंड माइक्रोबॉयोलॉजी एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि लगभग 300 पैथोलॉजी पंजीकृत केंद्रों और 200 से अधिक गैर पंजीकृत डायग्नोस्टिक व पैथोलॉजी सेंटर में 25 हजार से अधिक लोगों की रोजाना जांच होती है। हड़ताल के चलते इन सभी लोगों को बिना जांच के ही वापस लौटना पड़ा।

एसोसिएशन की मांगें
- प्रत्येक प्रांत से पंजीकृत चिकित्सा स्नातकों में से एक प्रतिनिधि को नेशनल मेडिकल कमीशन में शामिल करें।

- आयुष के लिए अलग से पंजीकरण न हो।

- एलोपैथी दवाओं की प्रैक्टिस के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता एमबीबीएस ही रहे।

- एमबीबीएस के बाद किसी भी प्रकार के लाइसेंस परीक्षा न हो।

- चिकित्सा विवि शुरू करने व चलाने के लिए न्यायोचित निरीक्षण व समुचित नियंत्रण होना चाहिए।
 
- निजी चिकित्सा विद्यालयों में सरकार द्वारा 85 फीसदी निर्धारित शुल्क भी होना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed