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Lucknow News: उच्च शिक्षा के लिए सरकारी खर्च पर भेजे जाएं केजीएमयू के डॉक्टर
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लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने डीएम-एमसीएच जैसे उच्च शिक्षा के कोर्सों की पढ़ाई करने वाले शिक्षकों को सरकारी खर्च पर भेजने की मांग की है। शिक्षक संघ की आम सभा की बैठक में शनिवार को इसके साथ अन्य मुद्दे भी उठाए गए।
संघ के सचिव प्रो. संतोष कुमार ने बताया कि केजीएमयू में स्टडी लीव की सुविधा नहीं है। इस वजह से शिक्षकों को अपने खर्च पर वेतनरहित अवकाश लेना पड़ता है, जबकि सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों को सरकारी खर्च पर यह सुविधा मिलती है। इसके एवज में उन्हें बॉन्ड भरना होता है।
केजीएमयू के शिक्षकों को भी यह सुविधा मिले। संघ के अध्यक्ष प्रो. केके सिंह का कहना है कि ऐसा होने पर वे मरीजों के इलाज में और बेहतर सहयोग कर सकेंगे। बैठक में संघ के नामित सदस्यों तथा बाइलॉज में मामूली संशोधन पारित हुए। शिक्षकों ने समस्याएं दूर न होने पर दीपावली के एक माह बाद दोबारा आम सभा बुलाने का फैसला किया है। इसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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बैठक में ये मुद्दे भी उठाए गए
- खाली भद भरे जाएं, जिससे शिक्षकों पर काम का दबाव कम हो।
- बैकलॉग भर्ती के लिए रोस्टर बनाया जाए।
- शिक्षकों को ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश दिया जाए।
- समय से प्रोन्नति की जाए।
- कॉन्फ्रेंस भत्तों की समस्या हल हो।
- शिक्षकों को दो-दो बायोमेट्रिक मशीन पर उपस्थिति दर्ज कराने से छूट मिले।
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संघ के सचिव प्रो. संतोष कुमार ने बताया कि केजीएमयू में स्टडी लीव की सुविधा नहीं है। इस वजह से शिक्षकों को अपने खर्च पर वेतनरहित अवकाश लेना पड़ता है, जबकि सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों को सरकारी खर्च पर यह सुविधा मिलती है। इसके एवज में उन्हें बॉन्ड भरना होता है।
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केजीएमयू के शिक्षकों को भी यह सुविधा मिले। संघ के अध्यक्ष प्रो. केके सिंह का कहना है कि ऐसा होने पर वे मरीजों के इलाज में और बेहतर सहयोग कर सकेंगे। बैठक में संघ के नामित सदस्यों तथा बाइलॉज में मामूली संशोधन पारित हुए। शिक्षकों ने समस्याएं दूर न होने पर दीपावली के एक माह बाद दोबारा आम सभा बुलाने का फैसला किया है। इसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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बैठक में ये मुद्दे भी उठाए गए
- खाली भद भरे जाएं, जिससे शिक्षकों पर काम का दबाव कम हो।
- बैकलॉग भर्ती के लिए रोस्टर बनाया जाए।
- शिक्षकों को ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश दिया जाए।
- समय से प्रोन्नति की जाए।
- कॉन्फ्रेंस भत्तों की समस्या हल हो।
- शिक्षकों को दो-दो बायोमेट्रिक मशीन पर उपस्थिति दर्ज कराने से छूट मिले।