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पैर का तलवा सुन्न होने पर लापरवाही पड़ सकती है भारी

Sun, 08 Nov 2015 04:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 08 Nov 2015 04:02 PM IST
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doctors give lecture in woundcon-2015

पैर का तलवे के नीचे का घाव सही इलाज न मिलने से विकलांग भी बना सकते हैं। दर्द महसूस न होने के कारण इन घावों का पता नहीं चलता और जब ये गहरे हो जाते हैं तो चलने-फिरने में दिक्कत करते हैं।

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इसलिए तलवे सुन्न होने की स्थिति का पता चलते ही सावधानी बरतनी शुरू कर देनी चाहिए। अमृतसर के अमनदीप हॉस्पिटल के प्लास्टिक सर्जन और सोसाइटी फॉर वूंड केयर एंड रिसर्च के प्रेसीडेंट इलेक्ट डॉ. रवि महाजन ने ये जानकारी शनिवार को केजीएमयू के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में हुई कार्यशाला में दी।
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वूंडकॉन-2015 में ट्रॉफिक अल्सर विषय पर डॉ. रवि महाजन ने बताया कि कुष्ठ रोग, रीढ़ की हड्डी में चोट या फिर रीढ़ की हड्डी की जन्मजात विकृति स्पाइना बाइफिडा के कारण तलवे सुन्न हो जाते हैं।
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जिपमर पांडेचेरी से आए डॉ. रवि चित्तौड़िया ने बताया कि घाव न भरने के कई कारण हो सकते हैं। वृद्धावस्था, मधुमेह, अधिक सिगरेट या शराब पीना, कैंसर, एड्रिलीन हार्मोन, कार्टिसोल स्टेरायड, कुछ खास दवाएं, मोटापा भी घाव के धीमे भरने का कारण बन सकता है।


लोहिया इंस्टीट्यूट की माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट डॉ. विनीता ने भी घाव भरने की तरीके पर व्याख्यान दिया।
इससे पहले वूंडकॉन-2015 का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो.आरपी शाही ने किया।  इस मौके पर डॉ. आरके सरन, प्लास्टिक सर्जरी विभाग के हेड प्रो.एके सिंह, चिकित्सा अधीक्षक व प्लास्टिक सर्जन प्रो.विजय कुमार भी मौजूद थे।

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