गर्भवती को डॉक्टरों ने भगाया, सड़क पर हुई डिलीवरी
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दर्द से कराह रही प्रसव पीड़िता को सीएचसी के डॉक्टर ने अकेले अस्पताल पहुंचने पर भर्ती करने से मना कर लौटा दिया। कुछ देर में ही पीड़ा बढ़ी तो वह सीएचसी के पास ही सड़क पर गिर गई।
कस्बे की महिलाओं ने किसी तरह सड़क पर प्रसव कराया। बाद में नागरिकों के विरोध पर जच्चा-बच्चा व नवजात को भर्ती किया गया। सीएमओ ने इस मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। मामला हरगांव सीएचसी का है।
थाना क्षेत्र के ग्राम बरियारपुर निवासी मुन्नालाल मजदूर है। रविवार को वह ईंट-भट्ठे पर काम करने गया था। इसी बीच उसकी पत्नी गीता देवी (37) को प्रसव पीड़ा हुई।
उसने गांव की आशा बहू से मदद मांगी तो उसने किराया न होने का हवाला देते हुए साथ चलने से मना कर दिया। महिला किसी तरह बस से हरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गई।
कस्बे की महिलाओं ने सड़क पर ही कराई डिलीवरी
यहां पर मौजूद चिकित्सक ने उसे अकेले देख प्रसव कराने से मना कर लौटा दिया। दर्द से तड़प रही महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। पर स्वास्थ्य कर्मियों का दिल नहीं पसीजा। इसके बाद वह पैदल ही घर के लिए चल दी।
कस्बे में चीनी मिल के निकट पेट्रोल पंप के सामने असहनीय पीड़ा होने पर वह सड़क पर ही गिर गई। उधर, महिला को बेहाल देख कस्बे की महिलाएं दौड़ पड़ीं।
महिलाओं ने किसी तरह उसका प्रसव कराया। महिला ने बच्ची को जन्म देने के बाद आपबीती बताई तो लोग भड़क उठे। कई लोग जज्जा-बच्चा को लेकर कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां लोगों का गुस्सा भांप डॉक्टरों ने दोनों को भर्ती कर लिया। चिकित्साधिकारी डॉ. सिद्धार्थ गौतम लोगों को यह समझाने का प्रयास कर रहे थे कि महिला अकेली आई थी, इस वजह से उसे भर्ती नहीं किया गया।