डॉक्टरों ने बांधे घायल के हाथ, नहीं किया इलाज
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जिला अस्पताल में डॉक्टरों की संवेदनहीनता के कारण एक युवक ने दम तोड़ दिया। वह वाहन की टक्कर से घायल हुआ था और उसे सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया था।
यहां चिकित्साकर्मी ने युवक के हाथ को वीगो की पाइप से रोशनदान में बांध दिया और फिर सुध नहीं ली। मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है।
नानपारा कस्बे के बाईपास मार्ग पर तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से शनिवार शाम एक 25 वर्षीय युवक जख्मी हो गया। उसे आसपास के लोगों ने सीएचसी पहुंचाया। वहां से एंबुलेंस चालक उसे लेकर रात 8:55 बजे जिला अस्पताल पहुंचा।
यहां वार्ड नंबर एक के बरामदे में उसे जमीन पर छोड़ दिया गया। आधे घंटे तक चिकित्साकर्मियों ने सुध नहीं ली। घायल को तड़पता देख जब वहां मौजूद तीमारदारों ने स्टाफ से आपत्ति जताई तो एक चिकित्साकर्मी ने युवक के हाथ को आईवी सेट (वीगो) की पाइप से रोशनदान से बांध दिया।
इलाज के लिए तड़पता रहा फिर दम तोड़ा
एक आरएल की ड्रिप लगाई और खिसक गया। इलाज के अभाव में 9:35 बजे के आसपास युवक ने दम तोड़ दिया।
युवक की मौत की सूचना पाकर चिकित्सक और चिकित्साधिकारी मौके पर पहुंचे।
आननफानन उसके शव को मर्चरी भेज दिया गया। इस मामले में मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉक्टर माहेश्वरी पांडेय का कहना है कि युवक काफी गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था।
उसका इलाज किया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। घायल युवक के हाथ को रोशनदान से बांधने के मामले में सीएमएस ने जांच कराने की बात कही। बोले, जो जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।