फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Doctors at Nova Hospital Accused of Holding Retired IAS Officer Hostage in Lucknow Case Registered

UP News: नोवा अस्पताल के डॉक्टरों पर सेवानिवृत्त आईएएस को बंधक बनाने का आरोप, केस दर्ज; पुलिस कर रही जांच

Sat, 30 May 2026 07:40 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Sat, 30 May 2026 07:40 PM IST
सार

राजधानी में नोवा अस्पताल के डॉक्टरों पर सेवानिवृत्त आईएएस को बंधक बनाने का आरोप है। डिस्चार्ज में देरी और कमरे के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात करने का आरोप है। मामले में केस दर्ज करके पुलिस जांच कर रही है। आगे पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Doctors at Nova Hospital Accused of Holding Retired IAS Officer Hostage in Lucknow Case Registered
अस्पताल (सांकेतिक) - फोटो : freepik

विस्तार

राजधानी लखनऊ में सेवानिवृत्त आईएएस किशोर कुमार सिन्हा ने नोवा अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारियों पर बंधक बनाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने 28 मई को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

विज्ञापन


गोमती नगर के विनय खंड निवासी किशोर कुमार के अनुसार, वह दो अप्रैल को पत्रकार पुरम स्थित नोवा अस्पताल में भर्ती हुए थे। उन्हें अगले दिन छुट्टी मिलनी थी, पर डॉक्टरों ने डिस्चार्ज में देरी की। आरोप है कि उनके कमरे के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिया गया। दोपहर करीब 3.00 बजे वे सीढ़ियों से छिपकर अस्पताल से बाहर निकल पाए। 
विज्ञापन


यह देख सुरक्षाकर्मी और दो डॉक्टरों ने उन्हें घसीटते हुए दोबारा अस्पताल ले जाने का प्रयास किया। उन्होंने खुद को छुड़ाकर यूपी 112 पर कॉल की और घर चले गए। बाद में परिवार के साथ गोमती नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि मामले की विवेचना दरोगा प्रेम कुमार को दी गई है। जांच में जो भी साक्ष्य मिलेंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


नोवा हॉस्पिटल प्रबंधन ने कहा कि मरीज 24 घंटे भी अस्पताल में भर्ती नहीं रहे थे। रिटायर्ड आईएएस को बंधक बनाने का आरोप बेबुनियाद है।

सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि रिटायर्ड आईएएस के जरिये कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस के जरिये पत्र भेजा जाता है तो मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई जाएगी। जांच में आरोप सही मिले तो अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति होगी।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed