डॉक्टर के साइन और मुहर बिना नहीं मिलेगी दवा
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डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में दवा घोटाले की पोल खुलने के बाद दवा वितरण को लेकर सख्ती कर दी गई है। फार्मासिस्टों और डॉक्टरों को हर हफ्ते का रिकॉर्ड अपडेट रखने को कहा गया है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में फार्मेसी से होने वाला दवाओं का वितरण अब बिना स्टांपिंग के नहीं होगा। जो भी दवा मरीजों को दी जाएगी उस पर लोहिया संस्थान की मुहर लगी होगी।
मरीजों को जितनी भी दवा एक हफ्ते के भीतर वितरित होती है उसका पूरा रिकॉर्ड अप- टू डेट कर प्रशासनिक भवन में जमा कराना होगा। फार्मेसी से मरीजों को जो दवा कंसलटेंट के हस्ताक्षर के बाद ही मिलेंगी।
सभी दवाओं पर लगेगी सरकारी मुहर
हॉस्पिटल इनफॉर्मेशन सिस्टम से जुड़े लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। संस्थान छोड़कर जाने वाले जेआर, एसआर और फैक्ल्टी मेंबर्स की मेडिकल बुक को तुंरत बंद कर दी जाएगी।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान के निदेशक डॉ. नुजहत हुसैन ने बताया कि दवाओं को लेकर किसी तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए एचआईएस सिस्टम को दुरुस्त करने के साथ कई अन्य दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
सभी दवाओं पर सरकारी मुहर लगाने के लिए कहा गया है। एसआर और जेआर दवा लिखते हैं तो विभाग के कंसलटेंट को पर्चे पर हस्ताक्षर करना जरूरी है।