ऑपरेशन के दौरान गर्भाशय में छूटी रुई, दोबारा सर्जरी में फटी आंत, महिला की हालत नाजुक
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इसे लेकर सोमवार को परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान अस्पताल स्टाफ ने तीमारदारों से मारपीट की। पुलिस के पहुंचने से पहले ही खुद को अस्पताल का संचालक बताने वाला कथित डॉक्टर भाग निकला। पुलिस अस्पताल में मिली एक नर्स और वार्ड बॉय को हिरासत में लेकर जांच कर रही है। पुलिस ने मरीज को एंबुलेंस से ट्रॉमा सेंटर भेजा है।
बाराबंकी कुर्सी के बाबूरिया गांव निवासी विमलेश की पत्नी सुमन देवी (32) को प्रसव पीड़ा होने पर एम्बुलेंस चालक बेहतर इलाज का झांसा देकर गुडंबा में एक कथित डॉक्टर के जरिये कुर्सी रोड गौरबाग कॉलोनी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था।
तीमारदार का आरोप है कि कथित डॉक्टर ने खुद को अस्पताल का मालिक बताया था। सिजेरियन ऑपरेशन से महिला का प्रसव कराया। पति विमलेश का कहना है कि ऑपरेशन के बाद से पेट में दर्द रहता था। कुछ दिनों पहले परिवारीजनों ने अल्ट्रासाउंड करवाया तो ऑपरेशन के दौरान गर्भाशय में रुई छूटने का पता चला।
पुलिस कर रही है जांच-पड़ताल
तीमारदारों ने बीते दिनों अस्पताल पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि कथित डॉक्टर ने बिना रुपये लिए ऑपरेशन की बात कही। बीते 11 अप्रैैल को तीमारदारों ने महिला को दोबारा भर्ती कराया। 13 अप्रैल को बिना तीमारदारों को बताए ओटी में ले जाकर ऑपरेशन कर रुई निकाल दी।
रविवार को पेट के जरिये मल निकलता देख परिवारीजनों ने डॉक्टर को बताया। अस्पताल संचालक ने सोमवार सुबह बाहर से डॉक्टर बुलाकर जांच कराई। डॉक्टर ने ऑपरेशन दौरान हुई लापरवाही से आंत फटने की बात कही।
यह सुनकर तीमारदार भड़क उठे और लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। पति विमलेश का आरोप है कि कथित डॉक्टर ने हाथापाई की और भाग निकला। हंगामा-बवाल की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। पुलिस मौके से एक नर्स व एक वार्ड बॉय को हिरासत में लेकर जांच पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है हिरासत में लिए गए कर्मचारियों से पूछताछ की गई मगर वह कोई जवाब नहीं दे पाए।
अस्पताल के बाहर लगा आईआईटी प्री-कोचिंग का बैनर
गुडंबा के कुर्सी रोड गौराबाग स्थित कोचिंग सेंटर की जांच में वहां अस्पताल से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं मिला। अस्पताल के बाहर आईआईटी कोचिंग का बोर्ड लगा हुआ था। पुलिस को जांच में गंदे वार्ड व ओटी में गंदगी फैली मिली। आरोप है कि अस्पताल संचालक बाराबंकी समेत आसपास के जिलों से दलालों की मदद से मरीज मंगवाकर उनका इलाज करता था।
एक घंटे तक पुलिस करती रही एम्बुलेंस का इंतजार
पति विमलेश ने घटना की सूचना दोपहर करीब एक बजे पुलिस कंट्रोल रूम को दी। करीब पौने दो बजे पुलिस पहुंची और बीमार महिला को एम्बुलेंस से ले जाने की सलाह दी। काफी देर तक एम्बुलेंस न मिलने पर महिला की बिगड़ती हालत देखकर लोगों ने हंगामा शुरू किया। पुलिस ने 108 एम्बुलेंस को कॉल किया। इसके बाद करीब दोपहर 2:50 बजे महिला को एम्बुलेंस से ट्रॉमा सेंटर भेजा जा सका।
अस्पताल में एक और मरीज को चढ़ रहा था ग्लूकोज
अस्पताल में बद्दुपुर बाराबंकी निवासी प्रीति भी भर्ती मिलीं। प्रीति के पेट मे दर्द होने के चलते उसे रविवार को ही भर्ती कराया गया था। हंगामे के बाद झोलाछाप व अन्य स्टाफ के भाग जाने के बाद पुलिस ने उसे दूसरे अस्पताल में शिफ्ट नहीं कराया।
सीएमओ को दी गई है सूचना
सीएमओ को अस्पताल के बारे में जानकारी दे दी गई है। हंगामे की सूचना पर पुलिस अस्पताल गई थी। महिला को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। - रवींद्र नाथ राय, इंस्पेक्टर, गुडंबा
जांच के लिए भेजी जाएगी टीम
टीम गठित करके जांच के लिए भेजी जाएगी। अस्पताल का कोई रिकॉर्ड न मिलने पर उसे बंद कराया जाएगा। -डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ