फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   doctor harshvardhan atreya answered the questions of patients

शरीर के किसी हिस्से में गांठ हो तो जरूर कराएं जांच, डॉक्टर ने दिए ये सुझाव

Tue, 09 Jun 2020 01:53 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 09 Jun 2020 01:53 PM IST
विज्ञापन
doctor harshvardhan atreya answered the questions of patients
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
अमर उजाला मेडिकल हेल्पलाइन में सोमवार को कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. हर्षवर्धन आत्रेय ने लोगों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बताया कि शरीर के किसी हिस्से में गांठ है तो उसकी जांच जरूर कराएं, ताकि पता लग सके कि यह गांठ कैसी है। हर गांठ कैंसर नहीं होती है, लेकिन जांच इसलिए जरूरी है कि यदि वह कैंसर में बदल रही हो तो समय रहते इलाज किया जा सके। उन्होंने बताया कि कैंसर कोई छुआछूत की बीमारी नहीं है। यदि परिवार में किसी को कैंसर है तो वह अन्य लोगों में नहीं फैलता, आनुवंशिक तौर पर पीढ़ी दर पीढ़ी इसके होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए साल में एक बार जांच जरूर करा लेनी चाहिए। 
विज्ञापन


सवाल- मेरी कीमोथेरेपी चल रही है। इस वक्त अस्पताल जाना ठीक रहेगा या नहीं? - सुरेश कुमार अलीगंज, हरप्रीत बांसमंडी
जवाब- कोरोना काल में भी अस्पताल में कीमोथेरेपी करवाना सुरक्षित है। कीमोथेरेपी बंद कर देने से पहले हुई थेरेपी का असर खत्म हो जाता है। इसलिए इसे निर्धारित समय पर कराते रहना जरूरी है। अस्पताल जाते वक्त मास्क लगाकर ही जाएं। आसपास मौजूद लोगों से दूरी बनाकर रखें। कोई खांस या छींक रहा हो तो उससे दूर रहें।
विज्ञापन

 

सवाल- मेरे गले में बाईं तरफ एक गांठ सी बन रही है। क्या ये कैंसर हो सकता है? - सचिन कुर्सी रोड, आदित्य पारा
जवाब- शरीर के किसी अंग में किसी प्रकार की गांठ होना कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं, फिर भी बिना जांच किए ये बता पाना मुश्किल है कि वह गांठ कैंसरयुक्त है या नहीं, क्योंकि हर गांठ कैंसर नहीं होती है। जांच हो जाने से स्थिति स्पष्ट हो जाती है। यदि गांठ में कैंसर की शुरुआत हो रही होती है तो तत्काल इलाज शुरू हो जाने से वह दूसरे अंगों तक फैल नहीं पाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन



 

कैंसर से बचने का क्या तरीका है

doctor harshvardhan atreya answered the questions of patients
डॉ हर्षवर्धन आत्रेय - फोटो : amar ujala
सवाल- कैंसर से बचने का क्या तरीका है, क्या सावधानी बरती जाए? - अनुज सिंह लालबाग, रामकुमार गोमती नगर
जवाब- सबसे पहले तंबाकू व शराब का सेवन बंद करना होगा। तंबाकू और खैनी की वजह से मुंह, फेफड़े सहित अन्य कई तरह के कैंसर बढ़ते हैं। खाने की चीजों में केमिकल की वजह से भी कैंसर बढ़ रहा है। इससे बचने के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं। आंत या मूत्राशय की आदतों में परिवर्तन, शरीर के किसी भी हिस्से में असामान्य रक्तस्राव, वजन में गिरावट, भूख कम लगना, लगातार खांसी या आवाज में भारीपन आदि की शिकायत हो तो जांच करा लेनी चाहिए।


सवाल- मेरी उम्र 54 साल है। मुझे मल में खून आता है। क्या ये कैंसर का लक्षण हो सकता है? - परवेज चौक, दलजीत गोमती नगर
जवाब- मल के साथ रक्त आना यह संकेत देता है कि आपके पाचन तंत्र में कहीं रक्त स्राव हो रहा है। शौचालय जाने के बाद खून आना ज्यादातर बवासीर या गुदा विकार के कारण होता है। हालांकि रक्त आना मलाशय में कैंसर या पूर्व कैंसर अवस्था का संकेत भी हो सकता है। इसलिए विशेषज्ञ से परामर्श लेना अनिवार्य है।


सवाल- कैंसर का सिकाई द्वारा इलाज कैसे होता है और यह कितना कारगर है?- अतुल पांडेय जानकीपुरम, प्रकाश अग्निहोत्री आशियाना
जवाब- कैंसर उपचार के क्षेत्र में लगातार विकास हो रहा है। सिकाई द्वारा कैंसर इलाज की पद्धति को रेडिएशन थेरेपी ‘बिजली की सिकाई’ भी कहा जाता है। इस थेरेपी में उच्च ऊर्जा की किरणें कैंसर प्रभावित भाग पर डाली जाती हैं। इसमें कैंसर सेल्स को नष्ट कर उनका विभाजन रोकने की क्षमता होती है। हालांकि यह पद्धति इस तरीके से संयोजित की जाती है कि इससे शरीर के स्वस्थ ऊतकों को कम से कम नुकसान पहुंचे। आज के समय में यह पद्धति बहुत कारगर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed