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डेढ़ दर्जन पटाखा कारोबारियों पर गिरेगी गाज

Thu, 09 Oct 2014 10:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 09 Oct 2014 10:18 AM IST
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dm to take action on cracker businessmen.

मोहनलालगंज के सिसेंडी गांव में हुए हादसे के बाद पटाखों के थोक कारोबारियों के यहां जांच हुई। जांच में करीब डेढ़ दर्जन लाइसेंसधारियों के यहां गड़बड़ी पाई गई है।

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इन गड़बड़ियों को देखते हुए शस्त्र विभाग अब इन कारोबारियों को नोटिस जारी कर इनके लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी करेगा।

डीएम की ओर से समय सीमा तक रिपोर्ट नहीं पाने वाले दो एसीएम और तीन एसडीएम ने मंगलवार को अपनी जांच रिपोर्ट शस्त्र अनुभाग प्रभारी के माध्यम से जिलाधिकारी को भेज दी।
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इसके साथ ही पटाखा कारोबारियों के लाइसेंस की जांच पूरी हो गई। मोहनलालगंज के सिसेंडी गांव में पटाखा बनाते समय हुए दर्दनाक हादसे के बाद जिलाधिकारी ने शहरी क्षेत्र के सभी 53 और ग्रामीण इलाकों के 86 थोक पटाखा कारोबारियों की जांच का निर्देश दिया था।

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मिलीं कई तरह की गड़बड़ियां

dm to take action on cracker businessmen.
सूत्रों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट में शहरी कारोबारियों के यहां मानकों की कोई खास अनदेखी नहीं मिली, लेकिन ग्रामीण इलाकों करीब डेढ़ दर्जन लाइसेंसधारियों के यहां खासी गड़बड़ी मिली है।

इनमें कुछ लाइसेंसधारी कई वर्षों से पटाखा कारोबार से दूरी बनाए रखने के बावजूद बारूद के लिए जरूरी पोटाश व अभ्रक की नियमित खरीदरी करते पाए गए।

इसी तरह मोहनलालगंज व चिनहट में चार ऐसे लाइसेंसधारी मिले, जिनके लाइसेंस पर कोई अन्य पटाखा बनाने व बेचने का काम करता था। जांच अधिकारियों ने इन सभी मामलों में लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की है।

सिसेंडी हादसे में नपेंगे अफसर

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मोहनलालगंज के सिसेंडी गांव में 20 सितंबर को पटाखा फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे में कई अफसरों पर कार्रवाई संभव है। इस हादसे में कई लोगों की मौत हो गई थी।

जांच में सामने आया है कि बगैर किसी जांच-पड़ताल के ही फायर ऑफिसर, सीओ व एसडीएम एनओसी जारी करते रहे। इन्हीं एनओसी पर बीते आठ साल से पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस रिन्यू होता रहा।

जांच अधिकारी ने इन अफसरों को लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए कार्रवाई के घेरे में लेने की संस्तुति की है। डीएम राजशेखर ने हादसे की पूरी जांच एडीएम प्रशासन राजेश पांडेय को सौंपी थी।

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