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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव : हार के कारणों की समीक्षा में जुटी सपा, जिलाध्यक्षों से मांगी रिपोर्ट
Mon, 05 Jul 2021 12:54 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 05 Jul 2021 12:54 AM IST
सार
अखिलेश यादव ने सभी वर्तमान और निवर्तमान जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष व महासचिव से सात जुलाई तक रिपोर्ट मांगी गई है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के बाद पार्टी से दगाबाजी करने वालों पर कार्रवाई होनी तय है।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में करारी हार के बाद समाजवादी पार्टी एक्शन मोड में आ गई है। हार के कारणों की समीक्षा शुरू हो गई है। रविवार को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वरिष्ठ नेताओं के साथ मंत्रणा की। इसके बाद सभी वर्तमान और निवर्तमान जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष व महासचिव से सात जुलाई तक रिपोर्ट मांगी गई है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के बाद पार्टी से दगाबाजी करने वालों पर कार्रवाई होनी तय है। दूसरी तरफ संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने की भी रणनीति बनाई गई है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में करीब 25 से ज्यादा जिलों में सपा केसदस्यों की संख्या जीत के जादुई आंकड़ें से अधिक थी। इसके बाद भी सिर्फ पांच सीट से संतोष करना पड़ा। ऐसे में रविवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वरिष्ठ नेताओं के साथ मंत्रणा की। सूत्र बताते हैं कि पार्टी नेतृत्व ने माना कि कई जिलों में जिला स्तर पर प्रबंधन फेल रहा। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने सभी वर्तमान एवं निवर्तमान जिला अध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष और जिला महासचिव से जवाब मांगा है। इसें पराजय के कारण पूछे गए हैं। यह रिपोर्ट सात जुलाई तक प्रदेश कार्यालय में आएगी। इसके बाद पूरे प्रकरण की समीक्षा की जाएगी। ऐसे में कई नेताओं पर कार्रवाई होनी तय है। उन नेताओं को भी चिन्हित किया जा रहा है, जो खुद पार्टी उम्मीदवार के साथ प्रदेश कार्यालय पहुंचे और वोट देते वक्त पाला बदल लिए। ऐसे नेताओं को भविष्य में पार्टी से किसी भी चुनाव में शामिल करने से प्रतिबंधित करने की तैयारी है।
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नए सिरे से बढ़ाएंगे सक्रियता
सूत्रों का कहना है कि रविवार को बंद कमरे में हुई बैठक में संगठन को नए सिरे से गतिशील करने की रणनीति बनाई गई है। तय किया गया कि संगठन में नए सिरे से ओवर हालिंग की जाएगी। सक्रिय और टिकाऊ लोगों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह बदलाव राष्ट्रीय स्तर से लेकर जिला स्तर तक होगा। बैठक में जिन 11 जिलों में जिलाध्यक्ष हटाए गए हैं, वहां जल्द से जल्द नए जिलाध्यक्ष बनाने, मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिग्रेड, युवजन सभा, लोहिया वाहिनी, छात्र सभा को सक्रिय करने के भी निर्देश दिए गए। इसके अलावा अन्य अनुषांगिक संगठनों को भी जिम्ेमदारी देने का निर्देश दिया गया।
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