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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव : अधिकतर जगह भाजपा और सपा में मुकाबला, सभी जिलों की स्थिति पर एक नजर

Tue, 29 Jun 2021 09:05 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 29 Jun 2021 09:05 PM IST
सार

जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में नाम वापसी के अंतिम दिन मंगलवार को कई जगह नाम वापस लिए गए और कई जगह दो प्रमुख प्रत्याशी आमने सामने आ गए हैं और कई जगह तो निविर्रोध ही चुन लिए गए।

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District Panchayat President Election: Competition between BJP and SP in most places, a look at the situation in all the districts
पंचायत चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बलरामपुर : आरती तिवारी निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष घोषित

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जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर मंगलवार को एकल नामांकन करने वाली भाजपा प्रत्याशी छात्रा आरती तिवारी को वैधानिक रूप से नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचित घोषित कर दिया। बुधवार को आरती कलेक्ट्रेट पहुंचकर जीत का प्रमाण पत्र प्राप्त करेंगी।

गोंडा : घनश्याम मिश्र का भी निर्विरोध निर्वाचन
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा प्रत्याशी धनश्याम मिश्र को निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही की ओर से निर्वाचन का आदेश जारी कर दिया गया है
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अंबेडकरनगर : तीन जुलाई को फाइनल होगा जिला पंचायत अध्यक्ष
जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर कब्जा पाने के लिए अब भाजपा व सपा के बीच आमने-सामने की टक्कर होगी। मंगलवार को नाम वापसी के दौरान किसी भी प्रत्याशी ने नाम वापस नहीं लिया। ऐसे में आगामी तीन जुलाई को अब मतदान होगा। मतदान प्रक्रिया को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए प्रशासन ने सभी जरूरी तैयारियां तेज कर दी हैं।
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रायबरेली : पूर्व सांसद की बहू और शिक्षक की पत्नी आमने-सामने
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में पूर्व सांसद स्व.अशोक सिंह की बहू आरती सिंह और शिक्षक की पत्नी रंजना चौधरी के बीच इस बार सीधी टक्कर है। कांग्रेस से आरती सिंह और भाजपा से रंजना चौधरी चुनाव मैदान में हैं। भाजपा प्रत्याशी रंजना चौधरी का कोई राजनैतिक इतिहास नहीं है, लेकिन एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह उनका चुनाव में सपोर्ट कर रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी रंजना एलएलबी पास हैं। वह बीएड भी कर चुकी हैं। उनके पति पुतून कुमार निर्मल परिषदीय स्कूल में शिक्षक हैं। रंजना पिछले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ऊंचाहार से जिला पंचायत सदस्य चुनी गई थीं। इस बार रोहनियां प्रथम से डीडीसी चुनी गई हैं। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी आरती सिंह एमबीए कर चुकी है। आरती ने अवध स्कूल से इंटर पास करने के बाद बीबीए किया। इसके बाद उन्होंने एमबीए की पढ़ाई की। वह पूर्व सांसद स्व.अशोक सिंह की बहू, जबकि कांग्रेस नेता मनीष सिंह की पत्नी हैं। चुनाव में दोनों पक्षों का पलड़ा भारी दिख रहा है।

अयोध्या : भाजपा और सपा आमने-सामने
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। मंगलवार को किसी भी प्रत्याशी ने अपना नाम वापस नहीं लिया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के कराए जा रहे निर्वाचन में भाजपा समर्थित प्रत्याशी रोली सिंह और सपा समर्थित प्रत्याशी इंदूसेन ने नामांकन दाखिल किया था। सहायक रिटर्निंग अफसर व एडीएम गोरे लाल शुक्ल ने बताया कि  जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मतदान तीन जुलाई को होगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

सीतापुर : भाजपा और सपा समेत चारों प्रत्याशी चुनावी मैदान में
जिले पंचायत अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव को लेकर नामांकन दाखिल करने वाले किसी भी प्रत्याशी ने मंगलवार को तय मियाद पूरी तक नामांकन वापस नहीं लिया, इससे अब तक लगाई जा रही तमाम तरह की अटकलों पर विराम लग गया है। भाजपा प्रत्याशी श्रद्घा सागर व सपा की अनीता राजवंशी के साथ ही प्रीति सिंह रावत और चंद्र प्रभा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। अब इनके भाग्य का फैसला 3 जुलाई को होगा। 79 जिला पंचायत सदस्य तय करेंगे कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर वह किसे काबिज कराएंगे।

अमेठी : भाजपा-सपा में भिड़ंत, किसी ने वापस नहीं लिया पर्चा
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर नामांकन करने वाले भाजपा और सपा प्रत्याशी में किसी ने मंगलवार को अपना पर्चा वापस नहीं लिया। नाम वापसी का समय समाप्त होने के बाद यह तय हो गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए भाजपा व सपा प्रत्याशी के बीच सीधी टक्कर होगी। तीन जुलाई को मतदान के बाद मतगणना भी होगी।

सुल्तानपुर : तीन प्रत्याशी मैदान में
जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में तीन प्रत्याशी मैदान में आ गए हैं। मंगलवार को नाम वापसी के दौरान किसी प्रत्याशी ने अपना नाम वापस नहीं लिया। नाम निर्देशन पत्र वापस नहीं लिए जाने के बाद भाजपा प्रत्याशी ऊषा सिंह, सपा प्रत्याशी केशा देवी व निर्दल अर्चना सिंह मैदान में हैं। तीनों प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।

विकल्प के अभाव व मजबूत पैरवी से बनी भाजपा प्रत्याशी
जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी के चयन में भाजपा के पास निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष व वार्ड नंबर 25 की डीडीसी ऊषा सिंह के अलावा कोई विकल्प नहीं था। जिले का जिला पंचायत अध्यक्ष महिला के लिए आरक्षित है और चुनाव में दो सीट जीतने वाली भाजपा के पास ऊषा सिंह के अलावा कोई महिला विजेता नहीं थीं। माना जा रहा है कि संगठन के पास उनके नाम की संस्तुति करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। इसके साथ ही ऊषा सिंह पर जिले के कई विधायक, सांसद मेनका गांधी व पार्टी के पदाधिकारियों तक का सपोर्ट बताया जा रहा है। विकल्प के अभाव व मजूबत पैरवी में ऊषा सिंह भाजपा की उम्मीदवार बन गईं।

अध्यक्ष की भाभी होने का केशा देवी को मिला फायदा
सपा प्रत्याशी केशा देवी मौजूदा सपा जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव की भाभी हैं। पृथ्वीपाल यादव एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं। परिवार की मजबूत राजनीतिक पकड़ की वजह से केशा देवी सपा प्रत्याशी बनने में कामयाब हुईं। सपा जिलाध्यक्ष के अलावा भी संगठन के कुछ लोग भी उन्हें मजबूत मनाते हुए पार्टी में पैरोकारी कर रहे थे।

राजनीतिक परिवार से अर्चना सिंह
निर्दल प्रत्याशी अर्चना सिंह इसौली के पूर्व विधायक रहे स्व. इंद्रभद्र सिंह की बेटी, पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व पूर्व प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू की छोटी बहन हैं। दोनों भाइयों का राजनीति में उच्च स्तर तक खासी पैठ है। पहले तो दोनों भाइयों ने अपनी बहन को राजनीतिक दल से उतारने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिलने पर निर्दल मैदान में उतारा है। पूर्व प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू स्वयं पिछला आम व उप जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव लड़ चुके हैं। चुनाव में वे ही मुख्य प्रतिद्वंद्वी रहे।

बाराबंकी : भाजपा और सपा के बीच टक्कर

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मतदान होना तय हो गया है। मंगलवार को निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद सपा प्रत्याशी द्वारा नाम वापस नहीं लिये जाने से पूरे दिन चली अटकलों पर पूरी तरह से विराम लग गया है। हालांकि भाजपा की ओर से सपा प्रत्याशी को मनाने और अपने पक्ष में लाने के हरसंभव प्रयास किए गए लेकिन भाजपाई इसमें सफल नहीं हो पाए और कई दिनों से इसको लेकर चल रही कसरत बेकार हो गई। सपा द्वारा नाम वापस नहीं लिए जाने से अब भाजपा और सपा के बीच चुनाव होना तय है। भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पूर्व विधायक राजरानी रावत को अपना उम्मीदवार घोषित किया है तो सपा ने भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ीं नेहा सिंह आनंद पर अपना दांव लगाया है। दोनों दलों के उम्मीदवारों ने पूरे लाव लश्कर के साथ नामांकन कर चुनाव जीतने का दावा किया था। सत्ता पक्ष के लोग निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने के प्रयास में पिछले कई दिनों से लगे हुए थे।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इसके लिए सपा उम्मीदवार को कई प्रलोभन भी दिए गए लेकिन सपा उम्मीदवार को भाजपा अपने पाले में लाने में पूरी तरह से विफल रही और उसकी निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष जितवाने की मंशा पर उस समय पानी फिर गया जब मंगलवार को निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी सपा उम्मीदवार ने अपना नामांकन पत्र वापस नहीं लिया। भाजपाइयों को आखिरी समय तक इस बात की उम्मीद थी कि उनके द्वारा अपनाए जा रहे हथकंडे काम कर जाएंगे और सपा उम्मीदवार अपना नामांकन वापस ले लेंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सत्तापक्ष द्वारा अपनाए गए सभी हथकंडे धरे के धरे रह गए। सपा उम्मीदवार द्वारा नाम वापस नहीं लिए जाने से दोनों दलों के बीच अब 3 जुलाई को चुनाव होना तय है।

मालपुआ काट रहे जिला पंचायत सदस्य
मौजूदा समय में जिले में जिला पंचायत सदस्यों की संख्या 57 है। इनमें से दो-चार को छोड़ दिया जाए तो बाकी गायब हैं। सूत्रों की मानें तो भाजपा ने ऐसी चाल चली है कि इनमें से ज्यादातर सदस्य भाजपा के पाले में चले गए हैं। भाजपा ने इन्हें किसी गुप्त स्थान पर रखा है जहां पर रहकर ये मालपुआ काट रहे हैं। ये सदस्य कहां पर हैं, इस बात की किसी को कानोंकान भनक न लगे, इसके भाजपाइयों द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि सपा ने भी इन सदस्यों का पता लगाने के लिए अपने गुप्तचर लगा रखे हैं जो पल-पल की खबर सपा के शीर्ष नेताओं को दे रहे हैं। सपा भले ही जादुई आंकड़े के करीब नजर न आती हो लेकिन उसने भाजपाइयों की रातों की नींद जरूर उड़ा रखी है।

श्रावस्ती : भाजपा के दद्दन मिश्र निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के दद्दन मिश्र मंगलवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। निर्वाचन अधिकारी डीएम व सीडीओ कलेक्ट्रेट में नव निर्वाचित अध्यक्ष को जीत का प्रमाण पत्र सौपा। इस दौरान पार्टी पदाधिकारी के साथ अन्य लोग मौजूद रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष का निर्वाचन जिले में नाम वापसी के साथ ही मंगलवार शाम तीन बजे समाप्त हो गया। इस दौरान भाजपा के दद्दन मिश्र निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किए गए। निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद डीएम ने द्ददन मिश्र को डीएम न्यायालय पर शाम तीन बजे जीत का प्रमाण पत्र सौपा। जिलेमें अध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता नामांकन के साथ ही खुल गया था।

जिले में अध्यक्ष पद के लिए सपा की ओर से अनुराधा यादव व भाजपा की ओर से पूर्व मंत्री व पूर्व सांसद दद्दन मिश्र उम्मीदवार थे। लेकिन नामांकन के दिन समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी का प्रस्तावक गायब हो जाने के कारण वह अपना नामांकन पत्र ही दाखिल नही कर पाई थी। इसी के बाद यह स्पष्ट हो गया था की भाजपा के दद्दन मिश्र निर्विरोध अध्यक्ष पद पर निर्वाचित किए जाएंगे। लेकिन नाम वापसी की तारीख बीत जाने के बाद उन्हें अघ्यक्ष के पद पर निर्वाचित घोषित किया गया। वही अध्यक्ष बनने के बाद कलेक्ट्रेट में मिले प्रमाण पत्र के  दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष संजय कैराती पटेल, महामंत्री दिवाकर शुक्ल, पूर्व ब्लाक प्रमुख सुभाष सत्या सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

नाटकीय रहा था सपा का नामांकन पत्र न जमा करना
जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए 26 जून को नामांकन करने की तिथि निर्धारित थी। भाजपा की ओर से दद्दन मिश्र सुबह 11 बजे ही नामांकन पत्र जमा कर चुके थे। लेकिन सपा के खेमे में सुबह ग्यारह बजे तक सन्नाटा ही था। दोपहर बाद पता चला की नामांकन के लिए प्रत्याशी तो मौजूद है, लेकिन प्रस्तावक ही गायब है। जबकि प्रस्तावक सपा प्रत्याशी का सगा रिस्तेदार ही था। शाम तीन बजे इंतजार करने के बाद भी जब प्रस्तावक नही पहुंचा। इससे सपा की ओर से नामांकन पत्र ही जमा नही किया जा सका था। इसी के बाद यह स्पष्ट हो गया था कि भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध ही निर्वाचित घोषित किया जाएगा।

बहराइच : जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर भाजपा का कब्जा

जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा ने कब्जा जमा लिया। संगठन की मजबूत रणनीति के चलते सपा प्रत्याशी ने दोपहर बाद डीएम कोर्ट पर पहुंचकर नाम वापसी के लिए आवेदन किया। स्थिति स्पष्ट होने के बाद डीएम ने भाजपा प्रत्याशी मंजू सिंह को जीत का प्रमाण पत्र सौंपा। प्रमाण पत्र मिलते ही भाजपा खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई।

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 26 जून को नामांकन पत्र जमा किए गए थे। भाजपा प्रत्याशी मंजू सिंह ने चार सेट और सपा प्रत्याशी नेहा अजीज ने तीन सेट में नामांकन पत्र दाखिल किए थे। सपा और भाजपा के बीच सीधी टक्कर होने के आसार बन गए थे। जिसके बाद पूर्व विधायक अरुणवीर सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष श्यामकरन टेकड़ीवाल समेत सभी लोग सपा प्रत्याशी के नाम वापसी का इंतजार करने लगे।

मजबूत रणनीति के तहत मंगलवार दोपहर बाद सपा प्रत्याशी नेहा अजीज जिलाधिकारी कोर्ट अचानक पहुंच गईं। उन्होंने उम्मीदवारी वापस लेने के लिए आवेदन जमा किया। आवेदन की जांच की गई। जिसमें सबकुछ सही पाया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने भाजपा प्रत्याशी मंजू सिंह को नाम वापसी की समय सीमा पूरी होने के बाद जीत का प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस मौके पर पूर्व विधायक अरुणवीर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष श्यामकरन टेकड़ीवाल, दिनेश सिंह गोपाल, कैसरगंज सांसद प्रतिनिधि सुनील सिंह, विधायक प्रतिनिधि निशंक त्रिपाठी, पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह बबलू, देवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

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