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लखनऊ विवि में मनमानी, प्रवेश के बाद रेग्युलर सीट हो गई सेल्फ फाइनेंस
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रवेश काउंसिलिंग में गड़बड़ी रुकने का नाम नहीं ले रही है। आलम यह है कि विद्यार्थियों को रेग्युलर सीट अलॉट करने और फीस जमा होने के बाद उनकी सीट सेल्फ फाइनेंस में बदल दी गई। अब विद्यार्थियों से कहा जा रहा है कि यदि लविवि पढ़ना है तो अतिरिक्त शुल्क जमाकर प्रवेश लें अन्यथा कहीं और जाएं। इससे विद्यार्थी काफी परेशान हैं और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक प्रवेश के लिए आयोजित काउंसिलिंग में इस बार गड़बड़ियों व देरी ने विद्यार्थियों की काफी परीक्षा ली। यूजी काउंसिलिंग जहां समाप्त हो गई वहीं पीजी की सीटें नहीं भर रही हैं। इसके बाद भी गड़बड़ियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एमबीए के कुछ विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया तो उन्हें रेग्युलर सीट अलॉट हुई थी। उन्होंने इसकी फीस भी जमा कर दी।
दो दिन बाद प्रवेश प्रक्रिया में लगी एजेंसी ने उन्हें फोन पर कहा कि आपको सेल्फ फाइनेंस सीट अलॉट हुई है। 30 हजार रुपये और फीस जमा दें अन्यथा सीट अलॉटमेंट कैंसिल हो जाएगा। खास ये कि इसे लेकर विद्यार्थी डीन ऑफिस से लेकर प्रवेश कार्यालय और रजिस्ट्रार के यहां तक गए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उनसे कहा गया कि पढ़ना है तो बाकी पैसा जमा करो या प्रवेश कैंसिल करवा लो। मजबूरी ने छात्रों ने 30 हजार रुपये और जमा किए।
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वहीं पीएचडी की एक छात्रा ने बताया कि उसे पीएचडी जियोलॉजी में सीट अलॉट हुई। उसने फीस जमाकर अपनी सीट सुरक्षित की। इसकी रसीद भी जनरेट हो गई, लेकिन दो दिन बाद उसका प्रवेश वेटिंग में दिखाने लगा है। परेशान छात्रा ने मंगलवार को प्रवेश समन्वयक से मिलकर समस्या बताई। उप प्रवेश समन्वयक डॉ. अनित्य गौरव ने कहा कि एजेंसी की तरफ से कुछ एक विद्यार्थियों के अलॉटमेंट में गड़बड़ी की सूचना मिली है। इसे ठीक करवा दिया गया है। विद्यार्थियों को इस तरह की दिक्कत न हो, इसके प्रयास किए जा रहे हैं।
कक्षाओं की नहीं मिल रही जानकारी
लविवि में एक तो परास्नातक प्रवेश में काफी देरी हुई है, वहीं जब विद्यार्थियों को प्रवेश मिल गया तो उन्हें अब क्लास शुरू होने की जानकारी नहीं मिल रही है। साइंस के कुछ कोर्सों के विद्यार्थी विभाग से लेकर प्रवेश कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं कि उनकी कक्षाएं कब शुरू होंगी। वहीं कुछ इस इंतजार में भी विवि नहीं आ रहे हैं कि अभी कक्षाएं नहीं शुरू हुई हैं।
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विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक प्रवेश के लिए आयोजित काउंसिलिंग में इस बार गड़बड़ियों व देरी ने विद्यार्थियों की काफी परीक्षा ली। यूजी काउंसिलिंग जहां समाप्त हो गई वहीं पीजी की सीटें नहीं भर रही हैं। इसके बाद भी गड़बड़ियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एमबीए के कुछ विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया तो उन्हें रेग्युलर सीट अलॉट हुई थी। उन्होंने इसकी फीस भी जमा कर दी।
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दो दिन बाद प्रवेश प्रक्रिया में लगी एजेंसी ने उन्हें फोन पर कहा कि आपको सेल्फ फाइनेंस सीट अलॉट हुई है। 30 हजार रुपये और फीस जमा दें अन्यथा सीट अलॉटमेंट कैंसिल हो जाएगा। खास ये कि इसे लेकर विद्यार्थी डीन ऑफिस से लेकर प्रवेश कार्यालय और रजिस्ट्रार के यहां तक गए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उनसे कहा गया कि पढ़ना है तो बाकी पैसा जमा करो या प्रवेश कैंसिल करवा लो। मजबूरी ने छात्रों ने 30 हजार रुपये और जमा किए।
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वहीं पीएचडी की एक छात्रा ने बताया कि उसे पीएचडी जियोलॉजी में सीट अलॉट हुई। उसने फीस जमाकर अपनी सीट सुरक्षित की। इसकी रसीद भी जनरेट हो गई, लेकिन दो दिन बाद उसका प्रवेश वेटिंग में दिखाने लगा है। परेशान छात्रा ने मंगलवार को प्रवेश समन्वयक से मिलकर समस्या बताई। उप प्रवेश समन्वयक डॉ. अनित्य गौरव ने कहा कि एजेंसी की तरफ से कुछ एक विद्यार्थियों के अलॉटमेंट में गड़बड़ी की सूचना मिली है। इसे ठीक करवा दिया गया है। विद्यार्थियों को इस तरह की दिक्कत न हो, इसके प्रयास किए जा रहे हैं।
कक्षाओं की नहीं मिल रही जानकारी
लविवि में एक तो परास्नातक प्रवेश में काफी देरी हुई है, वहीं जब विद्यार्थियों को प्रवेश मिल गया तो उन्हें अब क्लास शुरू होने की जानकारी नहीं मिल रही है। साइंस के कुछ कोर्सों के विद्यार्थी विभाग से लेकर प्रवेश कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं कि उनकी कक्षाएं कब शुरू होंगी। वहीं कुछ इस इंतजार में भी विवि नहीं आ रहे हैं कि अभी कक्षाएं नहीं शुरू हुई हैं।