यूपी: मुजफ्फरनगर दंगों पर ढाई घंटे चर्चा, मांगा जवाब
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विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मुजफ्फरनगर दंगे के बाद एक न्यूज चैनल के ‘स्टिंग ऑपरेशन’ से जुड़े पदाधिकारियों को 26 फरवरी को सदन में तलब कर उन्हें अपना पक्ष रखने को कहा है।
इस ‘स्टिंग ऑपरेशन’ की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट पर मंगलवार को विधानसभा में करीब ढाई घंटे से अधिक चर्चा हुई।
चर्चा में भाजपा छोड़ सत्ता पक्ष और समूचे विपक्ष ने एक स्वर से दोषी चैनल कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। भाजपा सदस्यों ने समिति की संस्तुतियों के विरोध में सदन से बहिर्गमन किया।
जांच समिति के सभापति सतीश कुमार निगम ने बताया कि टीवी टुडे नेटवर्क (टीवीटीएन) के संबंधित पदाधिकारी सदन के वरिष्ठ सदस्य व संसदीय कार्यमंत्री आजम खां व सदन की अवमानना के दोषी हैं।
नेटवर्क के पदाधिकारियों ने समिति को स्टिंग के मूल रॉ फुटेज व वह कैमरे भी उपलब्ध नहीं कराए, जिससे स्टिंग शूट किया गया था। समिति के सदस्य मौ. इरफान, सुदेश शर्मा व दिलनवाज खान ने भी संस्तुतियों पर कार्रवाई की वकालत की।
'आजम खां ने लंबे समय में यह स्थान बनाया है'
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि किसी की छवि और कोई नेता एक दिन में नहीं बनता। आजम खां ने लंबे समय में यह स्थान बनाया है।
जिन लोगों ने स्टिंग किया, जिन्होंने उनकी छवि के साथ खिलवाड़ की, उनको लेकर सदन की राय एक है। हमें अगली बार भी सरकार बनानी है। कल वह क्या दिखाने लगें पता नहीं। हमें तो इनका सामना करना ही पड़ेगा। वह सदन की भावना के साथ हैं। उन्हें भी अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए।
चर्चा में नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य, भाजपा दल के नेता सुरेश खन्ना, कांग्रेस के प्रदीप माथुर, रालोद के दलवीर सिंह के अलावा सतवीर सिंह मुन्ना, नदीम जावेद, पंकज मलिक, रीता बहुगुणा जोशी, दिलनवाज खान व पूरन प्रकाश ने भी हिस्सा लिया।