उन्नाव रेप केस: सीबीआई और आरोपी विधायक के वकील के बीच यूं हुई बहस
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नाबालिग से दुष्कर्म और अपहरण के आरोपी बांगरमऊ के भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को रिमांड मजिस्ट्रेट सुनील कुमार ने 14 अप्रैल शाम छह बजे से 21 अप्रैल सुबह 10 बजे तक सीबीआई रिमांड पर भेजा। 21 अप्रैल को जेल भेजा जाएगा।
सीबीआई के उपाधीक्षक आरआर त्रिपाठी ने शनिवार को कोर्ट में आरोपी विधायक को 14 दिन के लिए कस्टडी में दिए जाने की मांग की अर्जी दी। तर्क दिया कि आरोपी विधायक है तथा प्रभावशाली व्यक्ति है जो दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ या उसे खत्म कर सकता है।
सीबीआई की दलील
आरोपी को 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया है। विवेचना अभी प्रारंभिक स्तर पर है। इस दौरान साक्ष्य जुटाने के साथ ही गवाहों से सामना कराकर सच्चाई जानना है। आरोपी से अन्य साक्ष्य कपड़े इत्यादि के विषय में जानकारी लेनी है। लिहाजा आरोपी को रिमांड पर सीबीआई को सौंपा जाय।
बचाव पक्ष का तर्क
बचाव पक्ष ने इस अर्जी का कोई विरोध नहीं किया, परंतु अर्जी देकर रिमांड के दौरान उनके वकील को साथ रखने की मांग की। कहा कि सीबीआई फर्जी बरामदगी करा सकती है अथवा झूठा बयान दर्ज कर सकती है।
कोर्ट ने आंशिक रूप से स्वीकारी दोनों की अर्जियां
कोर्ट ने दोनों पक्षों ही अर्जियों को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए आरोपी को सात दिन की कस्टडी में दिए जाने का आदेश दिया। कहा, रिमांड के दौरान सीबीआई आरोपी को प्रताड़ित नहीं करेगी। रिमांड की अवधि खत्म होने पर विधायक का मेडिकल कराकर जेल में दाखिल करेगी।
रिमांड के दौरान विधायक सुबह 10 से शाम 6 बजे 15-15 मिनट के लिए अपने वकील से मिल सकते हैं। यदि विवेचना के चलते आरोपी को कहीं बाहर ले जाया जाता है तो उसके वकील उसके साथ उचित दूरी बनाकर रह सकते हैं, परंतु विवेचना में कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे।