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यूपी: अब भू उपयोग बदलने की घोषणा ऑफलाइन या देर से की तो नपेंगे अफसर, राजस्व आयुक्त ने जताई नाराजगी
Tue, 19 Sep 2023 11:42 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 19 Sep 2023 11:42 AM IST
सार
कृषि भूमि को गैर कृषि में बदलने की कार्रवाई ऑफलाइन करने पर सख्ती की गई है। राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव मनीषा त्रिघाटिया ने नाराजगी जताई है। अब कृषि भूमि का भू उपयोग गैर कृषि में बदलने की घोषणा ऑफलाइन करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश में कृषि भूमि का भू उपयोग गैर कृषि में बदलने की घोषणा ऑफलाइन करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव मनीषा त्रिघाटिया ने सभी डीएम को आदेश जारी करके कृषि भूमि के भू उपयोग बदलने की कार्रवाई को ऑफलाइन न करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही चेतावनी भी दी है कि यदि शासन की रोक के बाद भी किसी तहसील में ऑफलाइन कार्रवाई की गई तो संबंधित उप जिलाधिकारी या पीठासीन अधिकारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पिछले दिनों उच्च स्तर पर राजस्व संहिता की भू उपयोग बदलाव से जुड़ी धारा-80 से संबंधित प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा हुई थी। इसमें पाया गया था कि शासन की रोक के बाद भी कई तहसीलों में अभी भी राजस्व संहिता की धारा 80 के तहत कृषि भूमि को गैर कृषि भूमि में बदलने के लिए आने वाले आवेदनों का ऑफलाइन ही निस्तारण का खेल चल रहा है।
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समीक्षा में यह बात भी सामने आई थी कि शासन के बार-बार निर्देश के बाद भी धारा 80 से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण नियत समयावधि में नहीं किया जा रहा है। राजस्व आयुक्त एवं सचिव ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी डीएम को धारा 80 के प्रकरणों का निस्तारण ऑफलाइन करने पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
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साथ ही चेतावनी भी दी है कि यदि शासन की रोक के बाद भी किसी तहसील में ऑफलाइन कार्रवाई की गई तो संबंधित उप जिलाधिकारी या पीठासीन अधिकारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले दिनों उच्च स्तर पर राजस्व संहिता की भू उपयोग बदलाव से जुड़ी धारा-80 से संबंधित प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा हुई थी। इसमें पाया गया था कि शासन की रोक के बाद भी कई तहसीलों में अभी भी राजस्व संहिता की धारा 80 के तहत कृषि भूमि को गैर कृषि भूमि में बदलने के लिए आने वाले आवेदनों का ऑफलाइन ही निस्तारण का खेल चल रहा है।
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समीक्षा में यह बात भी सामने आई थी कि शासन के बार-बार निर्देश के बाद भी धारा 80 से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण नियत समयावधि में नहीं किया जा रहा है। राजस्व आयुक्त एवं सचिव ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी डीएम को धारा 80 के प्रकरणों का निस्तारण ऑफलाइन करने पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही तय समय सीमा के भीतर ऐसे प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित कराने के को कहा गया है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि धारा 80 के तहत कोई आवेदन ऑफलाइन प्राप्त होता है तो उसे भी ऑनलाइन दर्ज कराके ही निस्तारित कराया जाए। इस आदेश का पालन न करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि पिछले साल सितंबर में ही राजस्व विभाग द्वारा शासनादेश जारी किया गया था, जिसमें उप्र राजस्व संहिता-2006 की धारा 80 के अर्न्तगत कृषि भूमि को गैर कृषि कार्य के लिए कृषि भूमि का भू उपयोग बदलने की कार्यवाही के लिए अधिकतम 45 दिन की समय सीमा तय की गई थी।
साथ ही यह भी निर्देश दिए गए थे कि यदि तय समय सीमा में एसडीएम द्वारा भू-उपयोग बदलने की कार्रवाई नहीं की जाती है तो ऐसे प्रकरणों में भू-उपयोग स्वतः बदला हुआ मान लिया जाएगा।
इसी क्रम में राजस्व विभाग ने आवास विभाग और औद्योगिक विकास विभाग से दी जाने वाली अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए भी 30 दिन की समय सीमा तय किया था। इस अवधि में अनापत्ति न मिलने की स्थिति में 'डीम्ड टू नो ऑब्जेक्शन' मानकर प्रकरण को निस्तारित मान लिए जाने का प्रावधान किया गया था।