गोरखपुर हादसे के बाद निदेशकों व प्रिंसिपल के छुट्टी लेने पर यूपी सरकार ने जारी किया निर्देश
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केजीएमयू के कुलपति, एसजीपीजीआई, लोहिया संस्थान व रिम्स सैफई के निदेशक और सभी राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य अब बिना शासन की अनुमति के छुट्टी पर नहीं जा पाएंगे। गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में हादसे के दौरान प्रधानाचार्य के अनुपस्थित रहने के खुलासे के बाद ये निर्देश जारी किए गए हैं।
अब इन अधिकारियों को छुट्टी लेने या शासकीय कार्य से मुख्यालय से बाहर जाने की स्थिति में सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। साथ ही अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा को ई-मेल से सूचना देनी होगी।
गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत के समय जिम्मेदार अधिकारियों के गायब रहने को शासन से गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर दौरे के दौरान मेडिकल कॉलेज में हो रही मौतों को जिम्मेदार अधिकारियों ने छिपा लिया था। मुख्यमंत्री जब वापस लौटे तो प्रधानाचार्य डॉ. राजीव कुमार मिश्रा ने भी प्रकरण को गंभीरता से नहीं लिया और स्वयं भी छुट्टी पर चले गए। इसके बाद एनेस्थीसिया विभाग के हेड डॉ. सतीश कुमार भी बिना अनुमति मुंबई चले गए थे।
गोरखपुर के जिलाधिकारी राजीव रौतेला की रिपोर्ट मिलने के बाद अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा अनिता भटनागर जैन ने 14 अगस्त को निर्देश जारी करते हुए एसजीपीजीआई, रिम्स सैफई, लोहिया इंस्टीट्यूट, हृदय रोग संस्थान कानपुर, जेके कैंसर संस्थान कानपुर के निदेशकों व राजकीय मेडिकल कॉलेज कानपुर, आगरा, इलाहाबाद, मेरठ, झांसी, गोरखपुर, अंबेडकरनगर, कन्नौज, जालौन, आजमगढ़, सहारनपुर, बांदा व बदायूं के प्रधानाचार्यों को छुट्टी पर जाने से पहले अनुमति लेने के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।
ये भी दिए निर्देश
-दवाएं, अन्य सामग्री व गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे
-मानक के अनुसार रिजर्व में जो उपलब्धता हो उससे अधिक का स्टॉक रखा जाए
-सभी देयों का भुगतान निश्चित व त्वरित रूप से किया जाए
-दवाओं और गैस आपूर्ति से संबंधित लॉग बुक रोजाना भरी जाए
-सभी लॉग बुक पर प्रभारी अधिकारी रोजाना नाम, पदनाम के साथ हस्ताक्षर करें
-मेडिकल कॉलेज, चिकित्सा संस्थान में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित रहे
-परिसर व भवन में आवारा पशु न जाने पाएं