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भूमि अधिग्रहण बिल पर सरकार सहमत: दिग्विजय

Sun, 09 Aug 2015 03:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 09 Aug 2015 03:06 AM IST
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Digvijay Singh says We are agree on land acquisition bill.

कांग्रेस महासचिव एवं सांसद दिग्विजय सिंह ने शनिवार को कहा कि भूमि अधिग्रहण विधेयक पर सहमति बन गई है। यह बिल संसद की स्थायी समिति के पास है। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा बिल पर दिए गए सुझावों से सरकार भी सहमत है। छह प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बन गई है।

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हालांकि, उन्होंने इससे आगे कुछ भी बताने से इन्कार किया। कहा, वे भी इस समिति के सदस्य हैं। इसलिए ज्यादा कुछ बोलना उचित नहीं है। दिग्विजय शनिवार को राजधानी में थे। वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनके आवास पर मिले और इसे व्यक्तिगत भेंट बताया।
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इसके बाद वह पूर्व कांग्रेस सांसद हर्षवर्धन के घर गए। उनके इकलौते पुत्र का हाल ही निधन हो गया था। दिग्विजय अपनी पुत्री से मिलने उनके घर गोमतीनगर भी गए।

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भाजपा ने सबसे ज्यादा गतिरोध संसद में किया

Digvijay Singh says We are agree on land acquisition bill.

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा इतनी जल्दी रंग बदलती है, जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। संसद की कार्यवाही बाधित होने के बारे में कहा, संसद में सबसे ज्यादा गतिरोध भाजपा ही पैदा करती थी। यह उसी की देन है। अब हम किसी प्रकरण पर चर्चा करना चाहते हैं तो उसका विरोध होता है।

पहले जब भाजपा विरोध करती थी तो सदन के नेता अरुण जेटली कहते थे कि यह सब लोकतांत्रिक हथियार है। रिटेल में एफडीआई के बिल पर भाजपा ने 22 दिन सदन नहीं चलने दिया था। हम तो सार्थक बहस चाहते हैं।

दिग्विजय बोले, अब भाजपा जीएसटी लागू करना चाहती है। यह बिल कांग्रेस का है। इसे 2007 में लाया गया तो खूब विरोध हुआ। आज भाजपा सरकार कह रही है कि इसके लागू होने से हर साल जीडीपी में 1.5 फीसदी का इजाफा होगा। जब विपक्ष में थे तब ये चीजें समझ में नहीं आ रही थीं।

मेरे समय नहीं हुआ व्यापम घोटाला

Digvijay Singh says We are agree on land acquisition bill.

मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने कहा, व्यापम घोटाला उनके कार्यकाल में नहीं हुआ। तब कोई भी नियम विरुद्ध काम नहीं हुआ। मुख्यमंत्री शिवराज हताशा में उलटे-सीधे बयान दे रहे हैं। उस समय की एक भी भर्ती पर कभी कोई दाग नहीं लगा।

पर्ची पर नौकरी देने  के मामले पर कहा, अगर किसी के पास मेरी लिखित कोई भी पर्ची मिल जाए तो मैं सजा भुगतने को तैयार हूं। किसी भी नियम को यदि शिथिल किया तो पहले कैबिनेट की मंजूरी ली गई।

आरोपी मंत्रियों पर कार्रवाई से कतरा रहे मोदी

उन्होंने कहा, सुराज की बात करने वाले नरेंद्र मोदी ने अपने आरोपी मंत्रियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। इनकी एक मंत्री व दो मुख्यमंत्री घोटाले में फंसे हैं। मोदी इन पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं।

एमपी के सीएम शिवराज, राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे तथा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पहले इस्तीफा दें फिर इनके खिलाफ  जांच हो। सुषमा ने संविधान की शपथ का उल्लंघन किया है। यूपीए शासन में जिन पर भी आरोप लगे सभी से इस्तीफा लिया गया।

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