डीजीपी ने अफसरों की क्षमता पर उठाए सवाल, कहा- हर हाल में सुधारें कानून-व्यवस्था
सूबे में बढ़ते अपराधों से परेशान डीजीपी जावीद अहमद ने बृहस्पतिवार को सूबे के सभी आईजी जोन को राजधानी तलब कर कड़ी नाराजगी जताई। कई संगीन अपराधों का खुलासा न होने पर उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था हर हाल में दुरुस्त होनी चाहिए। इसके लिए योजना बनाकर बेसिक पुलिसिंग की जाए।
समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी ने कई जिलों के पुलिस कप्तानों की कार्यप्रणाली व क्षमता पर सवाल उठाए। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि जिलों में क्राइम मैपिंग के काम में ढिलाई बरती जा रही है।
डीजीपी ने पुलिस के आचरण में सुधार लाने की ताकीद करते हुए कहा कि उच्च स्तर के अधिकारियों के आचरण में अंतर आया है, लेकिन अभी निचले स्तर पर सुधार की जरूरत है।
इसके लिए उन्होंने सभी जिलों के कप्तानों को सिपाहियों तक से सीधा संवाद करने तथा उनकी समस्याओं को जानकर उनका निराकरण करने के निर्देश दिए।
डीजीपी ने सूबे में लगातार हो रही सनसनीखेज घटनाओं से पुलिसिंग पर उठ रहे सवाल को लेकर अफसरों से जवाब मांगा। उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि सांप्रदायिक घटनाओं में शामिल रहे संदिग्धों को चिह्नित कर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करें।
चुनाव से पहले हो पूरी तैयारी
उन्होंने कहा कि चुनाव व अन्य कारणों से आने वाले महीने चुनौतीपूर्ण होंगे। ऐसे में पहले से तैयारी जरूरी है।
कई आईजी भी नाराज दिखे कप्तानों से
बैठक के दौरान जब डीजीपी ने आईजी से उनके जिलों में तैनात कप्तानों के बारे में फीडबैक मांगा तो दो आईजी ने कुछ कप्तानों की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया। एक आईजी ने अपने मातहत दो कप्तानों को हटाए जाने की सिफारिश भी कर दी। हालांकि डीजीपी ने इस पर कोई आश्वासन नहीं दिया।
ये निर्देश भी दिए
डायल 100 प्रोजेक्ट के लिए जिला स्तर पर तैयारी पूरी की जाए।
कप्तान रिट याचिकाओं का समयबद्ध निस्तारण करें।
मैनपावर ऑडिट कर कार्यालयों से फील्ड में भेजे जाएं सिपाही।
वीवीआईपी ड्यूटी के लिए मनमानी फोर्स न मांगें कप्तान।
महिलाओं के प्रति अपराध की रोकथाम के लिए बढ़ाएं चौकसी।
कुख्यात बदमाशों की गतिविधियों पर हो बारीक नजर।
गोकशी की घटनाओं में लिप्त लोगों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश।