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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Devotees will be able to know the legal aspect of the 500-year history of the Ram Mandir movement

Ayodhya: राम मंदिर आंदोलन के 500 साल के इतिहास का कानूनी पक्ष जान सकेंगे श्रद्धालु, संग्रहालय में रखे जाएंगे

Sun, 29 Jun 2025 08:18 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: ishwar ashish Updated Sun, 29 Jun 2025 08:18 PM IST
सार

अयोध्या में बन रहे रामकथा संग्रहालय में दो गैलरियों में भूमि विवाद से जुड़े दस्तावेजों का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, खोदाई में मिले अवशेष भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
 

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Devotees will be able to know the legal aspect of the 500-year history of the Ram Mandir movement
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : amar ujala

विस्तार

रामकथा संग्रहालय में श्रद्धालु मंदिर आंदोलन के 500 वर्षों की कानूनी यात्रा से भी रूबरू हो सकेंगे। संग्रहालय में जहां एक ओर श्रद्धालु भगवान श्रीराम की कथा को चित्रों, ध्वनि और भावनाओं के माध्यम से अनुभव करेंगे, वहीं दूसरी ओर भूमि विवाद से जुड़ी ऐतिहासिक दस्तावेज, अदालती फैसले और संविधान सम्मत लड़ाई का क्रमवार विवरण भी प्रस्तुत किया जाएगा। यहां एक ऑडिटोरियम और बुक स्टाल का निर्माण भी किया जाएगा।

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रामकथा संग्रहालय में रविवार को मंदिर निर्माण समिति की बैठक हुई। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि एएसआई द्वारा की गई खोदाई में प्राप्त मंदिर के अवशेष, जो पत्थरों में गढ़े हुए इतिहास की मूक लेकिन सशक्त गवाही देते हैं। खंभे, मूर्तियां, स्तंभ-आधार और स्थापत्य के दुर्लभ चिन्ह आज भी बताते हैं कि यह भूमि आदि काल से आस्था की धुरी रही है। इन अवशेषों को भी दो गैलरियों में प्रदर्शित किया जाएगा, जिन्हें श्रद्धालु देख पाएंगे। संग्रहालय के बेसमेंट में बन रही गैलरी में राम की विश्व व्यापकता को दर्शाया जाएगा। अलग-अलग देशों में राम की किस प्रकार आराधना की जाती है, वहां की राम संस्कृति को भी दिखाने का प्रयास होगा।
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इसके अलावा हनुमान जी पर आधारित गैलरी बन रही है। आईआईटी चेन्नई की टीम इस पर काम कर रही है। नृपेंद्र ने बताया कि कुल 20 गैलरियां बन रही हैं, दिसंबर तक इनका निर्माण पूरा होने की संभावना है। एक सवाल के जवाब में कहा कि रामकथा संग्रहालय में टिकट व पास के जरिये श्रद्धालु जाएं, ऐसी किसी व्यवस्था के बारे में कोई विचार नहीं किया गया है। बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, रामकथा संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।

जल्द ही परिसर का भ्रमण कर पाएंगे श्रद्धालु
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि परिसर में जो भी निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, उन सभी स्थलों पर श्रद्धालु जा सकें इसको लेकर मंथन चल रहा है। अनुमान है कि पूरे परिसर में भ्रमण करने पर श्रद्धालुओं को दो से तीन घंटा लग जाएगा। यदि रोजाना एक लाख श्रद्धालु आते हैं तो उनका टर्नओवर किस तरह होगा। सुरक्षा की दृष्टि से भी मंथन किया जा रहा है। कुबेर टीला पर सीमित संख्या में ही पास के जरिये श्रद्धालु जा पाएंगे। ट्रस्ट के पदाधिकारी इसको लेकर मंथन कर रहे हैं।

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