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Lucknow News: 17 वर्षों के बाद प्रियदर्शिनी कॉलोनी की सुधरेगी सूरत
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लखनऊ। सीतापुर रोड स्थित एलडीए की प्रियदर्शिनी कॉलोनी के 17 वर्ष बाद दिन बहुरेंगे। गड्ढों में तब्दील हो चुकीं यहां की सड़कों की मरम्मत होगी। जल निकासी बेहतर करने के लिए नाले-नालियों को दुरुस्त किया जाएगा और फुटपाथों को भी सुधारा जाएगा।
कॉलोनी के 11 पार्क संवारे जाएंगे। नगर निगम एक महीने बाद काम शुरू करवा देगा। इससे करीब 30 हजार की आबादी को राहत मिलेगी। विकास कार्यों पर करीब 17 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
हैंडओवर को लेकर नगर निगम और एलडीए के बीच इतने वर्षों तक चले विवाद के खत्म होने के बाद अब इस कॉलोनी में विकास कार्य शुरू होंगे। एलडीए ने एक सप्ताह पहले कॉलोनी नगर निगम को हैंडओवर करते हुए यहां काम करवाने के लिए 17 करोड़ रुपये भी दिए हैं। विकास कार्य शुरू करवाने के लिए एस्टीमेट बनाया जा रहा है और फिर टेंडर जारी होंगे। इस प्रक्रिया में करीब एक महीना लगेगा और फिर काम शुरू हो जाएंगे। यहां तीन सेक्टर बी, सी और डी में करीब पांच हजार मकान हैं।
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...इसलिए चला हैंडओवर का विवाद
वर्ष 2008 में एलडीए ने कागज पर तो प्रियदर्शिनी कॉलोनी हैंडओवर कर दी, लेकिन व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए नगर निगम को पैसा नहीं दिया। ऐसे में कॉलोनी के रख-रखाव का मामला विवाद में फंस गया। न तो एलडीए और न ही नगर निगम की ओर से विकास कार्य न करवाने से कॉलोनी की छह किमी लंबी सड़कें और पार्क बदहाल हो गए। सफाई व्यवस्था बेपटरी हो गई। यह कॉलोनी फैजुल्लागंज चतुर्थ वार्ड में आती है। पार्षद प्रदीप शुक्ला यहां सफाई व कुछ जरूरी काम कराते रहे हैं, लेकिन विकास कार्य करवाने की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। ऐसे में यहां के निवासी कॉलोनी हैंडओवर किए जाने की लगातार मांग कर रहे थे। पार्षद ने नगर निगम सदन में मामला उठाने के साथ एलडीए से भी मांग की थी।
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कॉलोनी के 11 पार्क संवारे जाएंगे। नगर निगम एक महीने बाद काम शुरू करवा देगा। इससे करीब 30 हजार की आबादी को राहत मिलेगी। विकास कार्यों पर करीब 17 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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हैंडओवर को लेकर नगर निगम और एलडीए के बीच इतने वर्षों तक चले विवाद के खत्म होने के बाद अब इस कॉलोनी में विकास कार्य शुरू होंगे। एलडीए ने एक सप्ताह पहले कॉलोनी नगर निगम को हैंडओवर करते हुए यहां काम करवाने के लिए 17 करोड़ रुपये भी दिए हैं। विकास कार्य शुरू करवाने के लिए एस्टीमेट बनाया जा रहा है और फिर टेंडर जारी होंगे। इस प्रक्रिया में करीब एक महीना लगेगा और फिर काम शुरू हो जाएंगे। यहां तीन सेक्टर बी, सी और डी में करीब पांच हजार मकान हैं।
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...इसलिए चला हैंडओवर का विवाद
वर्ष 2008 में एलडीए ने कागज पर तो प्रियदर्शिनी कॉलोनी हैंडओवर कर दी, लेकिन व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए नगर निगम को पैसा नहीं दिया। ऐसे में कॉलोनी के रख-रखाव का मामला विवाद में फंस गया। न तो एलडीए और न ही नगर निगम की ओर से विकास कार्य न करवाने से कॉलोनी की छह किमी लंबी सड़कें और पार्क बदहाल हो गए। सफाई व्यवस्था बेपटरी हो गई। यह कॉलोनी फैजुल्लागंज चतुर्थ वार्ड में आती है। पार्षद प्रदीप शुक्ला यहां सफाई व कुछ जरूरी काम कराते रहे हैं, लेकिन विकास कार्य करवाने की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। ऐसे में यहां के निवासी कॉलोनी हैंडओवर किए जाने की लगातार मांग कर रहे थे। पार्षद ने नगर निगम सदन में मामला उठाने के साथ एलडीए से भी मांग की थी।