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देवीपाटन मंडल से मिटाएंगे पिछड़ेपन का दंश: सीएम योगी
Sat, 19 Sep 2020 09:59 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 19 Sep 2020 09:59 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आकांक्षात्मक जिलों, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर में विकास की असीम संभावनाएं हैं। बौद्ध सर्किट का अहम हिस्सा होने के कारण इनका आध्यात्मिक महत्व भी है। इन जिलों में अच्छा कार्य हो रहा है। उन्होंने इन क्षेत्रों पर फोकस करके समन्वित विकास की कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। कहा, देवीपाटन मंडल के पिछड़ेपन का दंश मिटाने के लिए प्रदेश सरकार हर आवश्यक प्रयास करेगी।
मुख्यमंत्री शनिवार को अपने सरकारी आवास पर देवीपाटन मंडल व उसमें शामिल जिलों बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती व बहराइच की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने देवीपाटन मंडल में कोरोना की स्थिति नियंत्रित होने पर संतोष जाहिर करते हुए कॉंटैक्ट ट्रेसिंग बढ़ो जाने की जरूरत बताई। उन्होंने हाल में ही में गोंडा में बने कोविड हॉस्पिटल को अधिकाधिक जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए। समीक्षा की शुरुआत में मंडलायुक्त एसवीएस रंगाराव ने 50 करोड़ रुपये से ऊपर की विकास परियोजनाओं की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। जिलाधिकारियों ने बारी-बारी से अपने जिले में चल रही 10 से 50 करोड़ रुपये तक की विकास परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विधायकों व मंत्री से भी इस बाबत फीड बैक लिया। उनकी मांगों को पूरे गौर से सुना।
प्रस्ताव भिजवाएं जनप्रतिनिधि, समय से होगा काम
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों को भरोसा दिया कि वह स्थानीय प्रशासन के जरिए प्रस्ताव बनवाकर शासन के संबंधित विभाग को भिजवाएं। उसकी प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेज दें। उन्होंने कहा, किस स्तर पर कितने समय तक फाइल रहेगी, इस बाबत मेरा स्पष्ट निर्देश है। आप के हर प्रस्ताव पर समय से काम होगा। आप लोग क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की समयबद्धता और गुणवत्ता की लगातार निगरानी करते रहें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास का पैसा जनता की गाढ़ी कमाई का है। इसके पाई-पाई का सदुपयोग किया जाए। पैसा जिस मद का है, अनिवार्य रूप से उसी में खर्च करें। अगर कोई कार्यदायी संस्था अपने हित में इसे किसी और मद में खर्च करती है तो उसकी जांच कराएं। दोषी के वेतन से उसकी वसूली करें। बैठक में प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह व मुकुट बिहारी मौजूद थे।
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गन्ने की पाई-पाई भुगतान करें:
गन्ना किसानों के भुगतान की समीक्षा करते हुए सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि इसके लिए वे जरूरी रदम उठाए। किसानों का शीघ्र बताया भुगतान कराएं। सभी जिलों की चीनी मिलों के बकाया गन्ना मूल्य की समीक्षा शासन और जिला स्तर पर भी हो। किसानों को हर हाल में भुगतान सुनिश्चित कराएं।
रोजी-रोजगार के लिए लगातार प्रयास करें:
सीएम योगी ने कहा कि जरूरतमंदों को रोजी-रोजगार मिले, इसके लिए नियमित जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी के साथ बैठक करें। देवीपाटन मंडल में वनटांगिया और थारू जनजाति बहुतायत में है। इन्हें शासन की सभी योजनाओं का लाभ दिया जाए। इनके गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के इस क्षेत्र की भूमि बेहद उर्वर है। भरपूर पानी और मानव संसाधन भी मौजूद हैं। इसके नाते खेतीबाड़ी के क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जलस्रोतों तालाब, कुंओं व पोखरों में पानी का संरक्षण करें। बहराइच में केला उत्पादन का रकबा बहुत बड़ा है। यहां फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की संभावना तलाशी जाए। हर ब्लाक में एफपीओ का गठन करें। गोदामों के लिए प्रस्ताव तैयार करें।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं:
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात का मौसम बीतने को है। मार्ग निर्माण से जुड़े विभाग तेजी से कार्य करते हुए सड़कों को गड्ढामुक्त करें। 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने पर यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट भेजा जाए, जिससे शासन स्तर से धनराशि निर्गत की जा सके। उन्होंने कार्यों के भौतिक सत्यापन की व्यवस्था बनाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा, गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए परियोजनाओं की सतत मॉनिटरिंग की जाए।
उन्होंने स्वदेश-दर्शन योजना के अंतर्गत बौद्ध सर्किट के निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने इसे पर्यटन विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कहा कि यह परियोजना पूण्री होने पर उत्तर प्रदेश की पर्यटन सुविधाओं को और समृद्ध बनाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में बनने वाले ग्राम सचिवालयों के लिए प्रस्ताव शीघ्र भेजें। गांवों के सामुदायिक शौचालयों के लिए ऐसी जगहों का चयन करें, जहां उनका अधिकतम उपयोग हो। सभी की जियो टैगिंग सुनिश्चित की जाए।
सीएम ने ये भी दिए निर्देश:
- बहराइच में महाराज सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज, गोंडा के राजकीय मेडिकल व राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, वनटांगिया विद्यालय और अटल आवासीय विद्यालय की महत्वपूर्ण योजनाएं हैं। इनमें कतई देरी न की जाए।
- बलरामपुर में केजीएमयू के सेटेलाइट सेंटर अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय और गोंडा के विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण की प्रगति संतोषजनक नहीं है। कमिश्नर इसकी समीक्षा करें।
- श्रावस्ती में निर्माणाधीन जिला जेल के बजट में कोई बदलाव नहीं होगा। पुनरीक्षित बजट भेजने की आदत छोड़ें।
- जिलाधिकारी बलरामपुर को निर्देश दिए कि अधूरे फायर स्टेशन के शेष काम को तत्काल पूरा कराया जाए।
- बहराइच नगर में जलभराव की समस्या का स्थायी निदान तलाशा जाए।
- श्रावस्ती में कृषि विज्ञान केंद्र और एयरपोर्ट के विकास का कार्य तेजी से किया जाए।
- अमृत योजना सहित पेयजल से जुड़ी सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। इस संबंध में धनाभाव नहीं होंने दिया जाएगा।
- गोंडा में मल कीचड़ उपचार संयत्र (एफएसटीपी) निर्माण के लिए भूमि की व्यवस्था अतिशीघ्र करने के निर्देश दिए।
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मुख्यमंत्री शनिवार को अपने सरकारी आवास पर देवीपाटन मंडल व उसमें शामिल जिलों बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती व बहराइच की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने देवीपाटन मंडल में कोरोना की स्थिति नियंत्रित होने पर संतोष जाहिर करते हुए कॉंटैक्ट ट्रेसिंग बढ़ो जाने की जरूरत बताई। उन्होंने हाल में ही में गोंडा में बने कोविड हॉस्पिटल को अधिकाधिक जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए। समीक्षा की शुरुआत में मंडलायुक्त एसवीएस रंगाराव ने 50 करोड़ रुपये से ऊपर की विकास परियोजनाओं की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। जिलाधिकारियों ने बारी-बारी से अपने जिले में चल रही 10 से 50 करोड़ रुपये तक की विकास परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विधायकों व मंत्री से भी इस बाबत फीड बैक लिया। उनकी मांगों को पूरे गौर से सुना।
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प्रस्ताव भिजवाएं जनप्रतिनिधि, समय से होगा काम
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों को भरोसा दिया कि वह स्थानीय प्रशासन के जरिए प्रस्ताव बनवाकर शासन के संबंधित विभाग को भिजवाएं। उसकी प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेज दें। उन्होंने कहा, किस स्तर पर कितने समय तक फाइल रहेगी, इस बाबत मेरा स्पष्ट निर्देश है। आप के हर प्रस्ताव पर समय से काम होगा। आप लोग क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की समयबद्धता और गुणवत्ता की लगातार निगरानी करते रहें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास का पैसा जनता की गाढ़ी कमाई का है। इसके पाई-पाई का सदुपयोग किया जाए। पैसा जिस मद का है, अनिवार्य रूप से उसी में खर्च करें। अगर कोई कार्यदायी संस्था अपने हित में इसे किसी और मद में खर्च करती है तो उसकी जांच कराएं। दोषी के वेतन से उसकी वसूली करें। बैठक में प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह व मुकुट बिहारी मौजूद थे।
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गन्ने की पाई-पाई भुगतान करें:
गन्ना किसानों के भुगतान की समीक्षा करते हुए सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि इसके लिए वे जरूरी रदम उठाए। किसानों का शीघ्र बताया भुगतान कराएं। सभी जिलों की चीनी मिलों के बकाया गन्ना मूल्य की समीक्षा शासन और जिला स्तर पर भी हो। किसानों को हर हाल में भुगतान सुनिश्चित कराएं।
रोजी-रोजगार के लिए लगातार प्रयास करें:
सीएम योगी ने कहा कि जरूरतमंदों को रोजी-रोजगार मिले, इसके लिए नियमित जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी के साथ बैठक करें। देवीपाटन मंडल में वनटांगिया और थारू जनजाति बहुतायत में है। इन्हें शासन की सभी योजनाओं का लाभ दिया जाए। इनके गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के इस क्षेत्र की भूमि बेहद उर्वर है। भरपूर पानी और मानव संसाधन भी मौजूद हैं। इसके नाते खेतीबाड़ी के क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जलस्रोतों तालाब, कुंओं व पोखरों में पानी का संरक्षण करें। बहराइच में केला उत्पादन का रकबा बहुत बड़ा है। यहां फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की संभावना तलाशी जाए। हर ब्लाक में एफपीओ का गठन करें। गोदामों के लिए प्रस्ताव तैयार करें।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं:
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात का मौसम बीतने को है। मार्ग निर्माण से जुड़े विभाग तेजी से कार्य करते हुए सड़कों को गड्ढामुक्त करें। 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने पर यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट भेजा जाए, जिससे शासन स्तर से धनराशि निर्गत की जा सके। उन्होंने कार्यों के भौतिक सत्यापन की व्यवस्था बनाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा, गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए परियोजनाओं की सतत मॉनिटरिंग की जाए।
उन्होंने स्वदेश-दर्शन योजना के अंतर्गत बौद्ध सर्किट के निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने इसे पर्यटन विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कहा कि यह परियोजना पूण्री होने पर उत्तर प्रदेश की पर्यटन सुविधाओं को और समृद्ध बनाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में बनने वाले ग्राम सचिवालयों के लिए प्रस्ताव शीघ्र भेजें। गांवों के सामुदायिक शौचालयों के लिए ऐसी जगहों का चयन करें, जहां उनका अधिकतम उपयोग हो। सभी की जियो टैगिंग सुनिश्चित की जाए।
सीएम ने ये भी दिए निर्देश:
- बहराइच में महाराज सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज, गोंडा के राजकीय मेडिकल व राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, वनटांगिया विद्यालय और अटल आवासीय विद्यालय की महत्वपूर्ण योजनाएं हैं। इनमें कतई देरी न की जाए।
- बलरामपुर में केजीएमयू के सेटेलाइट सेंटर अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय और गोंडा के विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण की प्रगति संतोषजनक नहीं है। कमिश्नर इसकी समीक्षा करें।
- श्रावस्ती में निर्माणाधीन जिला जेल के बजट में कोई बदलाव नहीं होगा। पुनरीक्षित बजट भेजने की आदत छोड़ें।
- जिलाधिकारी बलरामपुर को निर्देश दिए कि अधूरे फायर स्टेशन के शेष काम को तत्काल पूरा कराया जाए।
- बहराइच नगर में जलभराव की समस्या का स्थायी निदान तलाशा जाए।
- श्रावस्ती में कृषि विज्ञान केंद्र और एयरपोर्ट के विकास का कार्य तेजी से किया जाए।
- अमृत योजना सहित पेयजल से जुड़ी सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। इस संबंध में धनाभाव नहीं होंने दिया जाएगा।
- गोंडा में मल कीचड़ उपचार संयत्र (एफएसटीपी) निर्माण के लिए भूमि की व्यवस्था अतिशीघ्र करने के निर्देश दिए।