फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Detecting hydrogen gas leaks will become easier

Lucknow News: हाइड्रोजन गैस के रिसाव का पता लगाना होगा आसान

Wed, 28 Oct 2026 02:19 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2026 02:19 AM IST
विज्ञापन
Detecting hydrogen gas leaks will become easier
प्रो. नरेंद्र पांडेय।
लखनऊ। हाइड्रोजन को भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है लेकिन इसकी अत्यधिक ज्वलनशीलता के कारण रिसाव का समय पर पता लगाना जरूरी है। लखनऊ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने गामा विकिरण की मदद से हाइड्रोजन गैस का पता लगाने वाले सेंसर की क्षमता बेहतर बनाने की दिशा में शोध किया है। इसके परिणाम भविष्य में हाइड्रोजन के सुरक्षित भंडारण और औद्योगिक इस्तेमाल में उपयोगी हो सकते हैं। यह शोध अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका इंटरनेशनल जर्नल ऑफ हाइड्रोजन एनर्जी में प्रकाशित हुआ है।
विज्ञापन

लविवि के भौतिक विज्ञान विभाग की सेंसर्स एंड मैटेरियल्स रिसर्च लैब में यह शोध किया गया। डॉ. अमित कुमार वर्मा ने शोध निर्देशक डॉ. नरेंद्र कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में टंगस्टन ट्राइऑक्साइड की पतली परतों पर गामा विकिरण के प्रभावों का विश्लेषण किया। इसमें 40, 80 और 120 किलो ग्रे (केजीवाई) विकिरण खुराकों के प्रभावों की तुलना की गई। उद्देश्य यह समझना था कि विकिरण से पदार्थ की संरचना और गुणों में होने वाले बदलाव हाइड्रोजन पहचानने की क्षमता को किस तरह प्रभावित करते हैं।
विज्ञापन

31.5 सेकंड में आई सेंसर की प्रतिक्रिया
शोध के अनुसार, 100 डिग्री सेल्सियस तापमान पर 75 पीपीएम हाइड्रोजन गैस के संपर्क में आने पर सेंसर की प्रतिक्रिया 67.94 प्रतिशत दर्ज की गई। गैस के संपर्क में आने के 31.5 सेकंड में सेंसर ने प्रतिक्रिया दी, जबकि गैस हटाने के बाद सामान्य स्थिति में लौटने में 136.6 सेकंड लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

औद्योगिक सुरक्षा में मिल सकती है मदद
हाइड्रोजन का इस्तेमाल ईंधन सेल, परिवहन और ऊर्जा उत्पादन में बढ़ने की संभावना है। ऐसे में भंडारण केंद्रों, गैस भरने वाले स्टेशनों और औद्योगिक संयंत्रों में रिसाव का पता लगाने वाली प्रभावी तकनीक जरूरी है। यह शोध भविष्य में ऐसी निगरानी प्रणालियों के विकास में मददगार हो सकता है। हालांकि, व्यावहारिक इस्तेमाल से पहले सेंसर की विश्वसनीयता और विभिन्न परिस्थितियों में उसके प्रदर्शन का परीक्षण जरूरी होगा।

प्रो. नरेंद्र पांडेय।

प्रो. नरेंद्र पांडेय।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed