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Lucknow News: आधे वेंटिलेटरों का ही ब्योरा हो सका जारी
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लखनऊ। शासन के निर्देश के करीब छह महीने बाद केजीएमयू प्रशासन ने मंगलवार से ट्रॉमा सेंटर के वेंटिलेटरों का ब्योरा सार्वजनिक करने की शुरुआत की है। संस्थान में 300 से ज्यादा वेंटिलेटर हैं। हालांकि, सुविधा के पहले दिन इनमें से आधे वेंटिलेटरों का ही ब्योरा जारी किया जा सका।
राजधानी के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में वेंटिलेटर के लिए मारामारी रहती है। कई बार आरोप लगता है कि केजीएमयू और बाकी चिकित्सा संस्थानों में सिर्फ जुगाड़ पर ही वेंटिलेटर मिलता है। कई बार सभी वेंटिलेटर चालू भी नहीं रखे जाते हैं। संस्थान में भर्ती मरीजों को भी वेंटिलेटर के लिए निजी संस्थान जाने के लिए बोल दिया जाता है।
वहीं, निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को इन सरकारी संस्थानों में ही वेंटिलेटर मिल जाता है। वेंटिलेटर न मिलने से मरीजों की मौत के मामले भी आए दिन आते रहते हैं। इसे देखते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से 26 नवंबर 2024 को शासनादेश जारी करके केजीएमयू, लोहिया और पीजीआई के वेंटिलेटर का ब्योरा संस्थान के नोटिस बोर्ड के साथ ऑनलाइन करने के लिए कहा गया था। केजीएमयू ने अब जाकर आधा-अधूरा ब्योरा सार्वजनिक किया है।
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बेड का ब्योरा अब भी दूर की कौड़ी
शासन ने आदेश में अन्य उपकरणों, कुल और खाली बेड, कुल चिकित्सक और अवकाश पर रहने वाले डॉक्टरों का ब्योरा ऑफलाइन और ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए कहा था। हालांकि, ये जानकारियां अब भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
लोहिया, पीजीआई ने तो शुरुआत ही नहीं की
केजीएमयू ने भले ही आधे-अधूरे तरीके से वेंटिलेटर का ब्योरा जारी करने की शुरुआत कर दी है, लेकिन लोहिया और पीजीआई में अभी इसका आगाज तक नहीं हुआ है। ऐसा तब है जब इन संस्थानों में भी मरीजों को वेंटिलेटर न मिलने की शिकायतें आती हैं।
हमने चरणबद्ध तरीके से वेंटिलेटर का ब्योरा सार्वजनिक करने की शुरुआत की है। अगले चरण में शताब्दी भवन के वेंटिलेटर का ब्योरा सार्वजनिक होगा। इसी तरह से इसे आगे बढ़ाया जाएगा।
- प्रो. केके सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू
शासन के निर्देश के बाद स्वचालित प्रणाली से वेंटिलेटर का ब्योरा वेबसाइट पर उपलब्ध कराने का प्रयास हो रहा है। कुछ तकनीकी समस्याएं हैं, जिन पर काम चल रहा है। जल्द ही ब्योरा सार्वजनिक होगा।
- प्रो. भुवन तिवारी, प्रवक्ता लोहिया संस्थान
वेंटिलेटर का ब्योरा उपलब्ध कराने के लिए कई अहम बदलाव करने होते हैं। इसकी प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।
- डॉ. राजेश हर्षवर्धन, चिकित्सा अधीक्षक, एसजीपीजीआई
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राजधानी के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में वेंटिलेटर के लिए मारामारी रहती है। कई बार आरोप लगता है कि केजीएमयू और बाकी चिकित्सा संस्थानों में सिर्फ जुगाड़ पर ही वेंटिलेटर मिलता है। कई बार सभी वेंटिलेटर चालू भी नहीं रखे जाते हैं। संस्थान में भर्ती मरीजों को भी वेंटिलेटर के लिए निजी संस्थान जाने के लिए बोल दिया जाता है।
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वहीं, निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को इन सरकारी संस्थानों में ही वेंटिलेटर मिल जाता है। वेंटिलेटर न मिलने से मरीजों की मौत के मामले भी आए दिन आते रहते हैं। इसे देखते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से 26 नवंबर 2024 को शासनादेश जारी करके केजीएमयू, लोहिया और पीजीआई के वेंटिलेटर का ब्योरा संस्थान के नोटिस बोर्ड के साथ ऑनलाइन करने के लिए कहा गया था। केजीएमयू ने अब जाकर आधा-अधूरा ब्योरा सार्वजनिक किया है।
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बेड का ब्योरा अब भी दूर की कौड़ी
शासन ने आदेश में अन्य उपकरणों, कुल और खाली बेड, कुल चिकित्सक और अवकाश पर रहने वाले डॉक्टरों का ब्योरा ऑफलाइन और ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए कहा था। हालांकि, ये जानकारियां अब भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
लोहिया, पीजीआई ने तो शुरुआत ही नहीं की
केजीएमयू ने भले ही आधे-अधूरे तरीके से वेंटिलेटर का ब्योरा जारी करने की शुरुआत कर दी है, लेकिन लोहिया और पीजीआई में अभी इसका आगाज तक नहीं हुआ है। ऐसा तब है जब इन संस्थानों में भी मरीजों को वेंटिलेटर न मिलने की शिकायतें आती हैं।
हमने चरणबद्ध तरीके से वेंटिलेटर का ब्योरा सार्वजनिक करने की शुरुआत की है। अगले चरण में शताब्दी भवन के वेंटिलेटर का ब्योरा सार्वजनिक होगा। इसी तरह से इसे आगे बढ़ाया जाएगा।
- प्रो. केके सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू
शासन के निर्देश के बाद स्वचालित प्रणाली से वेंटिलेटर का ब्योरा वेबसाइट पर उपलब्ध कराने का प्रयास हो रहा है। कुछ तकनीकी समस्याएं हैं, जिन पर काम चल रहा है। जल्द ही ब्योरा सार्वजनिक होगा।
- प्रो. भुवन तिवारी, प्रवक्ता लोहिया संस्थान
वेंटिलेटर का ब्योरा उपलब्ध कराने के लिए कई अहम बदलाव करने होते हैं। इसकी प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।
- डॉ. राजेश हर्षवर्धन, चिकित्सा अधीक्षक, एसजीपीजीआई