{"_id":"608a5b338ebc3e245801d675","slug":"detail-of-corona-samples-not-released-in-lucknow-from-12-april","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोना जांच: लखनऊ में संक्रमितों का आंकड़ा पांच हजार पार होते ही सैंपल का ब्योरा देना बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना जांच: लखनऊ में संक्रमितों का आंकड़ा पांच हजार पार होते ही सैंपल का ब्योरा देना बंद
Thu, 29 Apr 2021 12:37 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 29 Apr 2021 12:37 PM IST
सार
टेस्टिंग से जुड़े अधिकारी सैंपल का आंकड़ा 28 हजार के करीब होने की बात कहते हैं, पर इसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। इससे लखनऊ में संक्रमण की दर पता नहीं चल पा रही। साथ ही यह अंदाजा नहीं लग पा रहा कि मुख्यमंत्री के ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग के निर्देश का कितना पालन हो रहा है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी लखनऊ में एक दिन में मिलने वाले कोरोना मरीजों का आंकड़ा जैसे ही पांच हजार पार हुआ, वैसे ही सैंपल का ब्योरा सार्वजनिक होना बंद हो गया। इसकी वजह भी साफ नहीं है।
विज्ञापन
टेस्टिंग से जुड़े अधिकारी सैंपल का आंकड़ा 28 हजार के करीब होने की बात कहते हैं, पर इसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। इससे लखनऊ में संक्रमण की दर पता नहीं चल पा रही। साथ ही यह अंदाजा नहीं लग पा रहा कि मुख्यमंत्री के ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग के निर्देश का कितना पालन हो रहा है।
विज्ञापन
लखनऊ में यूं तो मार्च से ही संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ना शुरू हो गया था, लेकिन अप्रैल से इसमें काफी तेजी आई। रोजाना सैंपल की संख्या और मरीजों का ब्योरा जारी होने से संक्रमण दर निकालना आसान था। आखिरी बार 12 अप्रैल को सैंपल का आंकड़ा जारी किया गया था। उस दिन लखनऊ में 29,492 नमूने लिए गए थे। इसके अगले दिन 5382 लोग संक्रमित मिले थे। इस हिसाब से लखनऊ में उस दिन संक्रमण दर 18 फीसदी से भी ज्यादा थी।
विज्ञापन
13 अप्रैल को ही पहली बार मरीजों का आंकड़ा पांच हजार के पार पहुंचा था। इसके बाद से लखनऊ में लिए जाने वाले सैंपल का आंकड़ा जारी नहीं हो रहा है। खास बात यह है कि प्रदेश स्तर पर लिए जाने वाले आंकड़े रोज जारी हो रहे हैं, लेकिन लखनऊ का ब्योरा छिपाया जा रहा है। प्रदेश में रोजाना करीब पौने दो लाख टेस्ट किए जा रहे हैं। इस संबंध में सीएमओ डॉ. संजय भटनागर से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
भर्ती कराने का आंकड़ा भी जारी करना बंद
लखनऊ में सीएमओ की ओर से कितने लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, यह आंकड़ा जारी होना भी बंद हो चुका है। पिछले महीने तक सीएमओ कार्यालय रोजाना भर्ती कराने वालों का ब्योरा जारी करता था, पर यह आंकड़ा भी बेड की किल्लत होने के बाद से देना बंद कर दिया गया है।