डिप्टी सीएम बोले: कुंभ की तर्ज पर हो प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी, फुल रखे जाएं ब्लडबैंक, तैयार रहें 75 एंबुलेंस
डिप्टी सीएम ने कहा कि सभी एंबुलेंस अच्छी और मेनटेन हों। आवश्यकतानुसार बगल के जिलों से एंबुलेंस मंगवा लें या बदल लें। जेम पोर्टल से 75 अतिरिक्त एंबुलेंस की निविदा कराई जाए। दोनों ब्लड बैंक फुल रखने के लिए रक्तदान शिविर लगाएं।
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उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए स्वास्थ्य विभाग विभाग की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रयागराज से कुंभ मेले की रिपोर्ट मंगाकर उसका अध्ययन करें। कुंभ की तर्ज पर ही स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी करें। अयोध्या में मल्टीस्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का इंतजाम किया जाए। अतिविशिष्ट चिकित्सकों को एक माह के लिए यहां संबद्ध करें। हार्ट अटैक के उपचार के लिए जिस निजी अस्पताल में कैथलैब हो, उससे अनुबंध करें। आवश्यक मशीनें लखनऊ से मंगाई जाएं। मेडिकल कॉलेज में बन रहे तीनों ऑपरेशन थियेटर 31 दिसंबर तक तैयार कर लें।
डिप्टी सीएम ने कहा कि सभी एंबुलेंस अच्छी और मेनटेन हों। आवश्यकतानुसार बगल के जिलों से एंबुलेंस मंगवा लें या बदल लें। जेम पोर्टल से 75 अतिरिक्त एंबुलेंस की निविदा कराई जाए। दोनों ब्लड बैंक फुल रखने के लिए रक्तदान शिविर लगाएं। उन्होंने डीजी हेल्थ से शव वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में उच्चाधिकारियों ने एयर एंबुलेंस चलाने का भी प्रस्ताव रखा, जिस पर डिप्टी सीएम ने विचार कर निर्णय लेेने की बात कही। मेला क्षेत्र में मेला मित्र रखने पर भी चर्चा हुई है। बैठक में मंडलायुक्त गौरव दयाल, जिलाधिकारी नितीश कुमार, विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, भाजना नेता विशाल मिश्रा समेत स्वास्थ्य विभाग के लखनऊ जिले व अयोध्या मंडल के अधिकारी मौजूद रहे।
दुरुस्त रखें उपकरण, 24 घंटे चलें सेवाएं
डिप्टी सीएम ने कहा कि सीटी स्कैन, एक्सरे आदि सेवाएं 24 घंटे बहाल रहें। ऑक्सीजन प्लांट व ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर की टेस्टिंग कराई जाए। पंजीकरण के लिए कई पर्चा काउंटर बनाएं। अस्पतालों की बर्न यूनिट शुरू कराएं। अस्पतालों में फायर सेफ्टी की ऑडिट हो। सभी अस्पतालों में हेल्प डेस्क बनाया जाए। अस्पतालों के गेट पर वर्दी में दो-दो कर्मी तैनात रखें, जो मरीजों को ले जाकर भर्ती कराएं। मरीजों को बाहर की दवा न लिखी जाए। चारों अस्पतालों में मौजूद सुविधाओं को होर्डिंग्स बनाकर जगह-जगह लगवा दें। मरीज व तीमारदारों के भोजन की गुणवत्ता दुरुस्त रखें। तीमारदारों के लिए वॉटरप्रूफ टेंट से रैन बसेरा बनाएं। मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था करें।
केजीएमयू, आरएमएल व एसजीपीजीआई में आरक्षित रहेंगे बेड
डिप्टी सीएम ने केजीएमयू, आरएमएल व एसजीपीजीआई में गंभीर मरीजों के लिए बेड आरक्षित रखने के निर्देश दिए। इसके लिए तीनों संस्थानों का मोबाइल नंबर सार्वजनिक किया जाएगा। अयोध्या प्रशासन मरीजों को रेफर करके उनसे संपर्क साधेगा। मरीज के वहां पहुंचने पर पहले से बेड का इंतजार किया जाएगा। निशुल्क इलाज किया जाएगा। लखनऊ के सीएमओ को नोडल बनाते हुए मरीजों का इलाज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ व बाराबंकी में भी रिजर्व रहेंगे बेड
बैठक में सीएमओ लखनऊ व बाराबंकी से भी तैयारियों की डिप्टी सीएम ने समीक्षा की। सीएमओ लखनऊ ने बताया कि अस्पतालों में 50-50 बेड आरक्षित हैं। हरदोई, सीतापुर रोड पर दो-दो व लखनऊ से बाराबंकी तक तीन अस्पताल अलर्ट मोड में रहेंगे। इसी तरह बाराबंकी में भी अस्पतालों में बेड आरक्षित हैं।
कहां हैं सीएमएस... तबीयत खराब हो तो दूसरा सीएमएस दीजिए
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पूछा कि कहां हैं महिला अस्पताल के सीएमएस? अधीक्षक डॉ. आशाराम ने उन्हें सीएमएस के बीमार होने की जानकारी। इस पर डिप्टी सीएम ने प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा व डीजी हेल्थ डॉ. दीपा त्यागी से कहा कि उन्हें कोई दिक्कत हो तो कोई दूसरा अच्छा सीएमएस दीजिए। हम अयोध्या को ऐसे ही नहीं छोड़ सकते हैं।