{"_id":"d6f2ceb6e64536b5af46c55f6a696fa1","slug":"department-of-ill-tempered-officers","type":"story","status":"publish","title_hn":"साहब को नहीं पसंद आया चेहरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साहब को नहीं पसंद आया चेहरा
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 21 Jul 2013 03:23 PM IST
विज्ञापन
शहरी विकास से जुड़े विभाग के मुखिया की तुनकमिजाजी से कौन नहीं वाकिफ है।
विज्ञापन
इनके विभाग में काम करने के लिए अफसरों में हिम्मत भी चाहिए और ताकत भी। शायद यही कारण है कि इनके विभाग में अधिक दिन तक कोई अफसर नहीं रुक पाता है।
इनके अधीन रोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने वाला भी एक विभाग है। इस विभाग के प्रमुख को हटाकर दूसरे को प्रमुख बना दिया गया। नए प्रमुख ने कार्यभार ग्रहण करने से पहले विभागीय मुखिया से मिलना चाहा।
पहले तो उनके स्टाफ से समय मांगते रहे पर नहीं मिला। सोचा स्वयं चलकर मिल लेते हैं। वह उनसे मिलने भी पहुंच गए, पर यह क्या उन्हें बैरंग वापस कर दिया गया।
विभाग में चर्चा तो यहां तक है कि उनका चेहरा ही उन्हें नहीं पसंद है।